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पकौड़े बनाने को लेकर दो बहनों में विवाद, छोटी बहन ने सल्फास खाकर दी जान


उत्तर प्रदेश:
प्रदेश के एक गांव में मामूली बात पर उपजे घरेलू विवाद ने एक हंसते-खेलते परिवार की खुशियां छीन लीं। रसोई में पकौड़े बनाने को लेकर दो सगी बहनों के बीच शुरू हुई कहासुनी इतनी बढ़ गई कि छोटी बहन ने तैश में आकर जहरीला पदार्थ (सल्फास) गटक लिया। आनन-फानन में उसे अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।

मामूली बात पर शुरू हुई थी तकरार

परिजनों के अनुसार, घर में नाश्ता बनाने की तैयारी चल रही थी। इसी दौरान दोनों बहनों के बीच इस बात को लेकर बहस शुरू हुई कि पकौड़े कौन बनाएगा और कैसे बनाएगा। देखते ही देखते छोटी-सी बात ने बड़े झगड़े का रूप ले लिया। बड़ी बहन के टोकने पर छोटी बहन इतनी आहत हुई कि उसने कमरे में जाकर रखा सल्फास खा लिया।

अस्पताल पहुंचने से पहले बिगड़ी हालत

जब युवती की हालत बिगड़ने लगी और उसके मुंह से झाग निकलने लगा, तो परिजनों के होश उड़ गए। उसे तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने उसे जिला अस्पताल रेफर कर दिया। हालांकि, जहर शरीर में पूरी तरह फैल चुका था और डॉक्टरों की तमाम कोशिशों के बावजूद उसे बचाया नहीं जा सका।

परिवार में कोहराम, पुलिस जांच में जुटी

युवती की मौत की खबर मिलते ही घर में कोहराम मच गया। जिस बहन से मामूली विवाद हुआ था, उसका रो-रोकर बुरा हाल है। सूचना मिलने पर मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस का कहना है कि शुरुआती जांच में मामला आत्महत्या का लग रहा है, लेकिन हर पहलू से तहकीकात की जा रही है।

छोटी-छोटी बातों पर बढ़ते आत्मघाती कदम चिंताजनक

मनोवैज्ञानिकों का मानना है कि आज के दौर में युवाओं में सहनशक्ति की कमी और आवेश में आकर उठाए गए कदम गंभीर चिंता का विषय हैं। छोटी-सी कहासुनी पर जीवन समाप्त कर लेना न केवल परिवार को तोड़ देता है, बल्कि समाज के लिए भी एक कड़वा सबक है। विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि ऐसे समय में धैर्य और संवाद ही एकमात्र समाधान है।

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