उत्तर प्रदेश के मेरठ अंतर्गत सरधना तहसील में शुक्रवार को दिव्यांगों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि उन्हें सरकारी योजनाओं का लाभ पाने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है और विभाग द्वारा बनाए जा रहे दिव्यांगता प्रमाण पत्रों (Disability Certificates) में भारी विसंगतियां हैं।
सटीक सर्टिफिकेट की मांग
दिव्यांगों का कहना है कि स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी किए जा रहे प्रमाण पत्रों में दिव्यांगता का प्रतिशत सही ढंग से नहीं दर्शाया जा रहा है। कई पात्र व्यक्तियों को कम प्रतिशत का सर्टिफिकेट थमा दिया जाता है, जिससे वे सरकार की महत्वपूर्ण योजनाओं और पेंशन लाभ से वंचित रह जाते हैं। प्रदर्शनकारियों ने मांग की है कि कैंप लगाकर पारदर्शी तरीके से दोबारा जांच की जाए और सटीक प्रमाण पत्र जारी किए जाएं।
सरकारी लाभ और पेंशन में देरी
प्रदर्शन के दौरान दिव्यांगों ने प्रशासनिक अधिकारियों को ज्ञापन सौंपते हुए बताया कि लंबे समय से उनकी पेंशन रुकी हुई है। इसके अलावा, आवास योजना और अन्य कल्याणकारी लाभों के लिए भी उन्हें दफ्तरों के चक्कर काटने पड़ रहे हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही उनकी समस्याओं का समाधान नहीं किया गया, तो वे बड़े स्तर पर आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे।
प्रशासन का आश्वासन
मौके पर पहुंचे संबंधित अधिकारियों ने दिव्यांगों की शिकायतों को सुना और जल्द ही उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया। अधिकारियों ने कहा कि प्रमाण पत्रों की जांच के लिए विशेष व्यवस्था की जाएगी ताकि किसी भी पात्र व्यक्ति को परेशानी न हो और सरकारी योजनाओं का लाभ सीधे उन तक पहुंच सके।
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