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पूर्व मंत्री याकूब कुरैशी की भतीजी को फोन पर दिया 'तीन तलाक', ससुराल के बाहर धरने पर बैठीं ज़ेबा


मेरठ: उत्तर प्रदेश सरकार के पूर्व मंत्री हाजी याकूब कुरैशी की भतीजी ज़ेबा एक बार फिर चर्चा में हैं। ताजा मामला 'तीन तलाक' और घरेलू विवाद से जुड़ा है। ज़ेबा का आरोप है कि उनके पति ने उन्हें फोन पर तीन तलाक देकर रिश्ता तोड़ लिया है। इस नाइंसाफी के खिलाफ ज़ेबा ने अपने ससुराल के बाहर ही धरना शुरू कर दिया है।

फोन पर दिया तलाक, घर में घुसने से रोका

ज़ेबा की शादी मेरठ के ही एक प्रतिष्ठित परिवार में हुई थी।

  • गंभीर आरोप: ज़ेबा का कहना है कि उनके पति ने फोन कॉल के जरिए उन्हें 'तलाक, तलाक, तलाक' कहा। जब वह अपने ससुराल पहुँचीं, तो उन्हें घर के अंदर दाखिल नहीं होने दिया गया।

  • ससुराल के बाहर धरना: घर में प्रवेश न मिलने और बदसलूकी से आहत होकर ज़ेबा अपने ससुराल के मुख्य द्वार पर ही धरने पर बैठ गईं। उन्होंने मांग की है कि उन्हें उनका हक दिया जाए और कानूनी रूप से इस मामले का निपटारा हो।

पहले भी विवादों में रहा है मामला

यह पहली बार नहीं है जब ज़ेबा का ससुराल पक्ष के साथ विवाद सामने आया है।

  1. पुराना विवाद: इससे पहले भी ज़ेबा ने अपने ससुराल वालों पर उत्पीड़न और दहेज के गंभीर आरोप लगाए थे। उस समय भी मामला पुलिस तक पहुँचा था।

  2. कानून का उल्लंघन: भारत में 'तीन तलाक' (Triple Talaq) को कानूनी रूप से प्रतिबंधित कर दिया गया है। ज़ेबा का तर्क है कि फोन पर दिया गया यह तलाक गैर-कानूनी है और वे इसके खिलाफ न्याय की लड़ाई लड़ेंगी।

पुलिस और प्रशासन की भूमिका

ससुराल के बाहर हाई-प्रोफाइल धरने की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुँची।

  • समझाइश की कोशिश: पुलिस अधिकारियों ने ज़ेबा और उनके ससुराल पक्ष के बीच बीच-बचाव करने की कोशिश की, लेकिन ज़ेबा अपनी मांगों पर अड़ी रहीं।

  • कानूनी कार्रवाई: पुलिस का कहना है कि यदि उन्हें लिखित शिकायत मिलती है, तो वे 'मुस्लिम महिला (विवाह अधिकारों का संरक्षण) अधिनियम' के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू करेंगे।

राजनीतिक गलियारों में चर्चा

पूर्व मंत्री याकूब कुरैशी का परिवार मेरठ की राजनीति में बड़ा रसूख रखता है। ऐसे में उनके परिवार की सदस्य के साथ हुई इस घटना ने शहर में चर्चाओं का बाजार गर्म कर दिया है। ज़ेबा के समर्थन में कुछ स्थानीय संगठन भी सामने आ रहे हैं, जो महिलाओं के अधिकारों की बात कर रहे हैं।

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