लखनऊ: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में एक किसान की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के बाद परिजनों और भारतीय किसान यूनियन (BKU) के कार्यकर्ताओं ने जमकर हंगामा किया। परिजनों ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाते हुए शव को सड़क पर रखकर विरोध प्रदर्शन किया, जिससे घंटों यातायात बाधित रहा।
पुलिस कार्रवाई पर उठे सवाल
परिजनों का आरोप है कि पुलिस की प्रताड़ना या किसी विवाद में समय पर कार्रवाई न होने के कारण किसान की जान गई है।
परिजनों का आरोप: मृतक के परिवार का कहना है कि पुलिस ने उनकी शिकायतों को नजरअंदाज किया और इस मामले में विपक्षियों का साथ दिया।
बीकेयू का समर्थन: घटना की जानकारी मिलते ही भारतीय किसान यूनियन के कार्यकर्ता बड़ी संख्या में मौके पर पहुँच गए। उन्होंने पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की और दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की।
घंटों लगा रहा जाम
विरोध प्रदर्शन के कारण लखनऊ के महत्वपूर्ण मार्ग पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं।
सुरक्षा बल तैनात: तनावपूर्ण स्थिति को देखते हुए मौके पर भारी पुलिस बल और पीएसी (PAC) तैनात की गई।
अधिकारियों की समझाइश: वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों से बातचीत की और उन्हें निष्पक्ष जांच का आश्वासन दिया। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सही कारणों का पता चल पाएगा।
प्रशासन का आश्वासन
काफी मशक्कत के बाद प्रशासन ने प्रदर्शनकारियों को शांत कराया। अधिकारियों ने वादा किया है कि:
निष्पक्ष जांच: मामले की गहराई से जांच की जाएगी और यदि कोई पुलिसकर्मी दोषी पाया जाता है, तो उस पर सख्त कार्रवाई होगी।
आर्थिक सहायता: किसान के परिवार को नियमानुसार सरकारी सहायता दिलाने का आश्वासन भी दिया गया है।
फिलहाल पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए गश्त बढ़ा दी गई है।
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