मेरठ: उत्तर प्रदेश के मेरठ जनपद से मानवीय संवेदनाओं को झकझोर देने वाला एक मामला सामने आया है। यहाँ एक विवाहिता को उसकी सगी मामी ने ही चंद रुपयों के लालच में बेच दिया। आरोप है कि महिला को बंधक बनाकर गनपॉइंट (बंदूक की नोक) पर उसकी जबरन शादी कराई गई और विरोध करने पर उसे अमानवीय यातनाएं दी गईं।
धोखे से बुलाया और लगा दी 'बोली'
पीड़िता ने पुलिस को दी अपनी शिकायत में बताया कि वह पहले से शादीशुदा है। उसकी मामी ने उसे किसी बहाने से मेरठ बुलाया था।
विश्वासघात: पीड़िता को इस बात का जरा भी अंदाजा नहीं था कि उसकी मामी उसका सौदा करने वाली है।
खरीद-फरोख्त: आरोप है कि मामी ने कुछ बिचौलियों के साथ मिलकर महिला को बाहरी राज्य के एक व्यक्ति को मोटी रकम के बदले बेच दिया।
गनपॉइंट पर 'निकाह' और बंधक जीवन
महिला का आरोप है कि उसे एक अज्ञात स्थान पर ले जाया गया जहाँ कई हथियारबंद लोग मौजूद थे।
जबरन विवाह: पीड़िता के सिर पर तमंचा तानकर उसे जबरन निकाह/शादी के दस्तावेजों पर हस्ताक्षर करने के लिए मजबूर किया गया।
शारीरिक शोषण: शादी के बाद उसे एक कमरे में कैद कर दिया गया, जहाँ उसके साथ लगातार शारीरिक और मानसिक क्रूरता की गई। विरोध करने पर उसे जान से मारने की धमकी दी जाती थी।
भागने की कोशिश: किसी तरह आरोपियों के चंगुल से बचकर पीड़िता मेरठ पहुँची और पुलिस प्रशासन से गुहार लगाई।
पुलिस की कार्रवाई और आरोपियों की तलाश
मेरठ पुलिस ने पीड़िता के बयान के आधार पर गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है।
मुख्य आरोपी की पहचान: पुलिस ने मामी और उन बिचौलियों को चिन्हित कर लिया है जिन्होंने इस घिनौने कृत्य की साजिश रची थी।
मेडिकल परीक्षण: पीड़िता को मेडिकल जांच के लिए भेज दिया गया है ताकि शारीरिक शोषण के साक्ष्य जुटाए जा सकें।
छापेमारी: पुलिस की कई टीमें आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही हैं।
सामाजिक सुरक्षा पर सवाल
इस घटना ने रिश्तों के बीच बढ़ते लालच और महिलाओं की सुरक्षा पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय सामाजिक संगठनों ने मांग की है कि ऐसे मानव तस्करी (Human Trafficking) गिरोहों के खिलाफ सख्त से सख्त 'गैंगस्टर एक्ट' के तहत कार्रवाई की जानी चाहिए ताकि भविष्य में कोई ऐसा दुस्साहस न कर सके।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह एक सुनियोजित गिरोह का काम हो सकता है, जिसकी तह तक जाने की कोशिश की जा रही है।
0 टिप्पणियाँ