मेरठ: जनपद के दौराला रोड स्थित भारत गैस एजेंसी पर शुक्रवार (10 अप्रैल 2026) को उपभोक्ताओं ने जमकर हंगामा किया। रसोई गैस सिलेंडर की भारी किल्लत और वितरण में धांधली से नाराज दर्जनों लोगों ने एजेंसी के बाहर नारेबाजी की। उपभोक्ताओं का सीधा आरोप है कि गैस एजेंसी का स्टाफ सिलेंडरों की कालाबाजारी (Black Marketing) कर रहा है, जिसके कारण घंटों लाइन में लगने के बाद भी आम जनता को खाली हाथ लौटना पड़ रहा है।
सुबह 6 बजे से लाइन, फिर भी नहीं मिला गैस
हंगामे के दौरान उपभोक्ताओं ने अपनी व्यथा सुनाई:
लंबा इंतजार: कई लोग सुबह 6 बजे से ही एजेंसी के बाहर कतार में लग गए थे। दोपहर तक इंतजार करने के बाद जब उन्हें बताया गया कि स्टॉक खत्म हो गया है, तो लोगों का धैर्य जवाब दे गया।
कालाबाजारी का आरोप: ग्रामीणों और स्थानीय निवासियों का आरोप है कि गैस की गाड़ी आने के बाद एजेंसी कर्मचारियों ने पिछले दरवाजे से हॉकरों और खास लोगों को सिलेंडर थमा दिए, जबकि लाइन में लगे जरूरतमंद देखते रह गए।
धक्कामुक्की: एजेंसी कर्मचारियों और उपभोक्ताओं के बीच तीखी नोकझोंक हुई, जो बाद में धक्कामुक्की में बदल गई।
पुलिस ने संभाली स्थिति
हंगामे की सूचना मिलते ही स्थानीय थाना पुलिस मौके पर पहुंची।
हस्तक्षेप: पुलिस ने आक्रोशित लोगों को समझा-बुझाकर शांत कराया और स्थिति को और बिगड़ने से रोका।
आश्वासन: एजेंसी प्रबंधन ने पुलिस की मौजूदगी में लिखित आश्वासन दिया कि जो लोग आज सिलेंडर से वंचित रह गए हैं, उन्हें शनिवार को गाड़ी आने पर प्राथमिकता (Priority) के आधार पर गैस दी जाएगी।
पंजीकरण: मौके पर ही उन उपभोक्ताओं के नाम और मोबाइल नंबर नोट किए गए जो लाइन में लगे थे।
एजेंसी संचालक की सफाई
भारत गैस एजेंसी के संचालक नितिन कुमार ने कालाबाजारी के आरोपों को निराधार बताया है। उनका कहना है कि जितनी सप्लाई कंपनी से प्राप्त हुई थी, उसे पूरी पारदर्शिता के साथ वितरित किया गया। मांग अधिक और आपूर्ति कम होने के कारण कुछ लोग छूट गए हैं, जिन्हें अगली खेप में सिलेंडर मुहैया कराए जाएंगे।
पूरे उत्तर प्रदेश में गहरा रहा है गैस संकट
बता दें कि पिछले कुछ हफ्तों से मेरठ सहित पूरे उत्तर प्रदेश में घरेलू और कमर्शियल एलपीजी सिलेंडरों की किल्लत बनी हुई है।
छापेमारी: हाल ही में मेरठ प्रशासन ने कालाबाजारी के आरोप में एक पूर्व पार्षद को भी गिरफ्तार किया था, जो 910 रुपये का सिलेंडर 1900 रुपये में बेच रहा था।
सर्वर और सप्लाई चेन: गैस कंपनियों के सर्वर में तकनीकी दिक्कत और वैश्विक स्तर पर तेल-गैस की सप्लाई चेन प्रभावित होने को इस किल्लत का मुख्य कारण माना जा रहा है।
0 टिप्पणियाँ