बिजनौर/लखनऊ: उत्तर प्रदेश में आतंकी नेटवर्क के खिलाफ जारी अभियान के तहत एटीएस (ATS) ने एक और बड़ी सफलता हासिल की है। बिजनौर से दो संदिग्ध आतंकियों को गिरफ्तार किया गया है, जो राज्य में स्लीपर सेल (Sleeper Cells) का नया मॉड्यूल तैयार करने की फिराक में थे। प्रारंभिक पूछताछ में कई चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं, जिसके बाद सुरक्षा एजेंसियां हाई अलर्ट पर हैं।
कैसे हुई गिरफ्तारी?
यूपी एटीएस को खुफिया जानकारी मिली थी कि बिजनौर के कुछ इलाकों में बाहरी तत्वों की सक्रियता बढ़ी है।
छापेमारी: एटीएस की टीम ने स्थानीय पुलिस के सहयोग से जिले के एक संदिग्ध ठिकाने पर दबिश दी और घेराबंदी कर दोनों आरोपियों को धर दबोचा।
बरामदगी: गिरफ्तार किए गए संदिग्धों के पास से कुछ आपत्तिजनक दस्तावेज, डिजिटल उपकरण और विदेशी नंबरों वाले सिम कार्ड बरामद हुए हैं।
पूछताछ में हुए बड़े खुलासे
दोनों संदिग्धों से लखनऊ स्थित मुख्यालय में गहन पूछताछ की जा रही है।
टारगेट पर युवा: आरोपियों का मुख्य काम स्थानीय युवाओं को गुमराह कर उन्हें कट्टरपंथी बनाना और स्लीपर सेल के रूप में भर्ती करना था।
विदेशी हैंडलर से संपर्क: जांच में पता चला है कि ये संदिग्ध इंटरनेट के जरिए सीमा पार बैठे अपने हैंडलर्स के संपर्क में थे और एनक्रिप्टेड ऐप्स (Encrypted Apps) का इस्तेमाल कर रहे थे।
बड़ी साजिश की तैयारी: पूछताछ में संकेत मिले हैं कि ये स्लीपर मॉड्यूल आने वाले समय में भीड़भाड़ वाले स्थानों या महत्वपूर्ण सरकारी प्रतिष्ठानों को निशाना बनाने की योजना बना रहे थे।
पश्चिमी यूपी पर पैनी नजर
बिजनौर और आसपास के जिलों (जैसे मेरठ, मुजफ्फरनगर और सहारनपुर) में पिछले कुछ समय से स्लीपर सेल्स की सक्रियता देखी गई है।
कनेक्शन की तलाश: एटीएस अब इस बात की जांच कर रही है कि इन संदिग्धों का संबंध हाल ही में पकड़े गए 'अबू बकर' मॉड्यूल या किसी अन्य अंतरराष्ट्रीय आतंकी संगठन से तो नहीं है।
स्थानीय मददगार: पुलिस उन लोगों की भी तलाश कर रही है जिन्होंने इन संदिग्धों को बिजनौर में रहने और छिपने के लिए जगह मुहैया कराई थी।
सुरक्षा व्यवस्था सख्त
इस गिरफ्तारी के बाद बिजनौर और आसपास के जिलों में सुरक्षा घेरा बढ़ा दिया गया है।
सघन चेकिंग: होटलों, धर्मशालाओं और किराये पर रहने वाले लोगों का सत्यापन (Verification) तेज कर दिया गया है।
जनता से अपील: प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे किसी भी संदिग्ध व्यक्ति या लावारिस वस्तु की सूचना तुरंत पुलिस को दें।
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