मेरठ (शास्त्री नगर): सुप्रीम कोर्ट के सख्त रुख के बाद मेरठ विकास प्राधिकरण (MDA) ने शहर के व्यस्ततम व्यावसायिक केंद्र 'सेंट्रल मार्केट' में बड़ी कार्रवाई शुरू कर दी है। रिहायशी इलाकों में अवैध रूप से चल रही व्यावसायिक गतिविधियों को रोकने के उद्देश्य से एमडीए की टीम ने भारी पुलिस बल के साथ सीलिंग अभियान चलाया, जिससे स्थानीय व्यापारियों में जबरदस्त आक्रोश देखा गया।
भारी विरोध और हंगामा
मंगलवार को जैसे ही एमडीए की टीम प्रवर्तन दस्ते और पुलिस फोर्स के साथ शास्त्री नगर स्थित सेंट्रल मार्केट पहुँची, व्यापारियों ने काम रोककर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया।
नारेबाजी: व्यापारियों ने प्राधिकरण की इस कार्रवाई को एकतरफा बताते हुए जमकर नारेबाजी की।
बाजार बंद: सीलिंग के विरोध में कई दुकानदारों ने अपनी दुकानें स्वतः बंद कर दीं और एमडीए की गाड़ियों के आगे धरने पर बैठ गए।
सुप्रीम कोर्ट का डंडा
यह कार्रवाई सुप्रीम कोर्ट में चल रही एक जनहित याचिका (PIL) के अनुपालन में की जा रही है।
44 भवनों की सूची: न्यायालय ने मेरठ के आवासीय क्षेत्रों में चल रहे 44 प्रमुख व्यावसायिक भवनों को तत्काल सील करने का निर्देश दिया था।
मास्टर प्लान का उल्लंघन: अदालत का मानना है कि आवासीय मानचित्र (Residential Map) पास कराकर उन पर शोरूम और अन्य व्यावसायिक गतिविधियां चलाना मास्टर प्लान 2031 का सीधा उल्लंघन है।
व्यापारियों का पक्ष: 'हमारा क्या कसूर?'
व्यापारिक संगठनों का तर्क है कि सेंट्रल मार्केट दशकों से शहर का व्यापारिक केंद्र रहा है।
कंपाउंडिंग की मांग: व्यापारियों का कहना है कि सरकार को इन संपत्तियों को व्यावसायिक में बदलने (Land Use Conversion) के लिए 'कंपाउंडिंग स्कीम' लानी चाहिए ताकि हजारों लोगों का रोजगार न छिड़े।
समय की मांग: प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि उन्हें अपना पक्ष रखने और कानूनी विकल्प तलाशने के लिए कुछ समय दिया जाना चाहिए।
एमडीए की सख्त कार्रवाई
व्यापारियों के भारी विरोध के बावजूद, एमडीए के अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि वे शीर्ष अदालत के आदेश से बंधे हुए हैं।
सीलिंग की प्रक्रिया: टीम ने चिन्हित किए गए कई शोरूम और दुकानों के मुख्य द्वारों पर सील लगाकर उन्हें आधिकारिक कब्जे में ले लिया है।
वीडियोग्राफी: पूरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी कराई जा रही है ताकि अदालत को साक्ष्य पेश किए जा सकें।
आने वाले दिनों में और सख्ती
एमडीए सचिव के अनुसार, यह अभियान केवल सेंट्रल मार्केट तक सीमित नहीं रहेगा। आने वाले दिनों में गढ़ रोड, साकेत, और सिविल लाइंस जैसे क्षेत्रों में भी चिन्हित संपत्तियों पर इसी तरह की कार्रवाई की जाएगी। पुलिस प्रशासन ने चेतावनी दी है कि सरकारी कार्य में बाधा डालने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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