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सुभाषनगर में कुत्तों का आतंक, एक सप्ताह में तीन लोगों को बनाया निशाना

 

मेरठ (सुभाषनगर): उत्तर प्रदेश के मेरठ जनपद स्थित सुभाषनगर इलाके में आवारा कुत्तों का आतंक कम होने का नाम नहीं ले रहा है। मंगलवार की सुबह एक बार फिर एक व्यक्ति कुत्तों के हमले का शिकार होकर गंभीर रूप से घायल हो गया। पिछले सात दिनों के भीतर इस क्षेत्र में कुत्ता काटने की यह तीसरी बड़ी घटना है, जिससे स्थानीय निवासियों में भारी आक्रोश और भय व्याप्त है।

ताज़ा घटना: मंगलवार सुबह का हमला

ताजा मामला मंगलवार सुबह का है, जब लक्ष्मीनगर निवासी विपिन कुमार अपने किसी काम से बाहर निकले थे। रास्ते में आक्रामक कुत्तों के झुंड ने उन्हें घेर लिया और बुरी तरह काटकर लहूलुहान कर दिया।

  • गंभीर चोटें: कुत्तों के हमले में घायल विपिन को तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहाँ उनका उपचार जारी है।

  • दहशत का माहौल: एक ही इलाके में लगातार हो रही इन घटनाओं के कारण बच्चों और बुजुर्गों का घरों से बाहर निकलना दूभर हो गया है।

नगर निगम की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल

क्षेत्रीय पार्षद पवन चौधरी ने इस स्थिति पर गहरा दुख और नाराजगी व्यक्त की है। पार्षद का आरोप है कि नगर निगम प्रशासन को बार-बार सूचित करने और लिखित शिकायतें देने के बावजूद अभी तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है।

  1. शिकायतों की अनदेखी: पार्षद के अनुसार, एक सप्ताह में तीन घटनाएं होने के बाद भी कुत्तों को पकड़ने या उनकी नसबंदी (Sterilization) के लिए कोई टीम नहीं भेजी गई है।

  2. नगर निगम का घेराव: स्थानीय निवासियों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही आवारा कुत्तों को पकड़ने का अभियान शुरू नहीं किया गया, तो वे नगर निगम कार्यालय का घेराव कर विरोध प्रदर्शन करेंगे।

जिले भर में गहराता संकट

कुत्तों के हमले का यह मामला केवल सुभाषनगर तक सीमित नहीं है। हाल ही में जानी थाना क्षेत्र के सिसौला खुर्द गांव में भी एक 55 वर्षीय महिला, सूरजमुखी, की कुत्तों के झुंड द्वारा नोचे जाने के कारण मौत हो गई थी। इन बढ़ती घटनाओं ने मेरठ नगर निगम और पशु नियंत्रण विभाग के दावों की पोल खोल दी है।

बचाव और सावधानी

प्रशासन की ओर से फिलहाल कोई बड़ी कार्रवाई न होने के कारण नागरिकों को स्वयं सावधानी बरतने की सलाह दी जा रही है:

  • अकेले न निकलें: विशेषकर बच्चों और बुजुर्गों को अकेले सुनसान रास्तों पर न जाने दें।

  • कूड़े का निस्तारण: खुले में मांस या खाने का सामान न फेंकें, क्योंकि इससे आवारा कुत्ते आक्रामक हो जाते हैं।

  • त्वरित उपचार: कुत्ता काटने की स्थिति में तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें और एंटी-रेबीज वैक्सीन (ARV) लगवाएं।

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