हस्तिनापुर/मेरठ: जनपद के ऐतिहासिक कस्बे हस्तिनापुर स्थित गंगा घाट पर आज एक हृदयविदारक घटना सामने आई है। गंगा स्नान करने आए एक ही परिवार के चार सदस्य गहरे पानी में समा गए। मृतकों में तीन किशोर और एक युवक शामिल हैं। इस दर्दनाक हादसे के बाद परिवार में कोहराम मच गया है और पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई है।
स्नान के दौरान गहरे पानी में फिसले पैर
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, परिवार के सदस्य गंगा तट पर श्रद्धापूर्वक स्नान करने पहुंचे थे। गर्मी के चलते नदी में जलस्तर और बहाव का सही अंदाजा नहीं मिल पाया। नहाते समय अचानक एक बच्चे का पैर फिसल गया और वह गहरे पानी में डूबने लगा। उसे बचाने के प्रयास में एक-एक कर परिवार के तीन अन्य सदस्य भी भंवर में फंस गए और देखते ही देखते चारों आंखों से ओझल हो गए।
गोताखोरों और पुलिस का रेस्क्यू ऑपरेशन
घाट पर मौजूद लोगों के शोर मचाने पर स्थानीय गोताखोर तुरंत पानी में कूदे। सूचना मिलते ही हस्तिनापुर पुलिस और प्रशासन की टीम भी मौके पर पहुंच गई।
कड़ी मशक्कत: कई घंटों की तलाश के बाद गोताखोरों ने चारों के शवों को बाहर निकाला।
अस्पताल में मृत घोषित: एंबुलेंस के जरिए उन्हें नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहाँ डॉक्टरों ने आधिकारिक रूप से उन्हें मृत घोषित कर दिया।
मृतकों में तीन सगे भाई-बहन!
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, डूबने वालों में तीन किशोर शामिल हैं जिनकी उम्र 14 से 18 वर्ष के बीच बताई जा रही है, जबकि चौथा सदस्य एक युवा है। बताया जा रहा है कि ये सभी एक ही परिवार के चिराग थे, जिससे इस त्रासदी का दर्द और भी गहरा हो गया है।
प्रशासन की चेतावनी: घाटों पर रहें सतर्क
इस घटना ने गंगा घाटों पर सुरक्षा व्यवस्था और चेतावनी बोर्डों की कमी को एक बार फिर उजागर कर दिया है।
गहराई का संकेत: प्रशासन ने अपील की है कि श्रद्धालु केवल निर्धारित और सुरक्षित घाटों पर ही स्नान करें।
अकेले न जाएं: बच्चों को गहरे पानी के पास अकेला न छोड़ें और बैरिकेडिंग का उल्लंघन न करें।
पोस्टमार्टम और अंतिम संस्कार
पुलिस ने शवों का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और गांव में मातम छाया हुआ है। प्रशासनिक अधिकारियों ने पीड़ित परिवार को ढांढस बंधाया और हर संभव सरकारी सहायता का आश्वासन दिया है।
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