मेरठ: पश्चिमी उत्तर प्रदेश में सक्रिय हुए मानसूनी सिस्टम के कारण मेरठ और आसपास के इलाकों में हुई भारी बारिश ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। जहाँ एक ओर इस बारिश ने उमस भरी गर्मी से राहत दी है, वहीं दूसरी ओर नगर निगम के ड्रेनेज सिस्टम के दावों की भी पोल खोल दी है। शहर के निचले इलाकों सहित मुख्य मार्गों पर पानी भरने से यातायात व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हुई है।
टापू बने शहर के मुख्य चौराहे
मंगलवार रात से शुरू हुई बारिश के बाद बुधवार सुबह शहर का नजारा बदला हुआ दिखा। नाले उफनाने के कारण सड़कों पर 2 से 3 फीट तक पानी जमा हो गया।
प्रमुख प्रभावित क्षेत्र: बेगमपुल, हापुड़ अड्डा, भूमिया का पुल और लिसाड़ी गेट जैसे व्यस्त इलाकों में सड़कों पर समंदर जैसा नजारा दिखा।
फंसी गाड़ियां: जलभराव के कारण दर्जनों दोपहिया वाहन और कारें बीच सड़क पर बंद हो गईं, जिससे लोगों को धक्का मारकर गाड़ियां सुरक्षित स्थान पर ले जानी पड़ीं।
ड्रेनेज सिस्टम पर सवाल
हर साल मानसून से पहले नालों की सफाई के दावे करने वाला नगर निगम इस बार भी विफल नजर आया।
चौक हुए नाले: कचरे और प्लास्टिक के कारण शहर के बड़े नाले जाम हो गए, जिससे बारिश का पानी निकलने के बजाय वापस सड़कों और घरों में घुसने लगा।
सफाई अभियान की हकीकत: स्थानीय निवासियों का आरोप है कि सफाई के नाम पर केवल खानापूर्ति की गई, जिसका नतीजा आज पूरा शहर भुगत रहा है।
स्कूल और दफ्तर जाने वालों की मुसीबत
सुबह के समय हुई तेज बारिश ने कामकाजी लोगों और स्कूली बच्चों की परेशानी बढ़ा दी।
लगा लंबा जाम: दिल्ली रोड और गढ़ रोड पर पानी भरने के कारण वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। ऑफिस जाने वाले लोग घंटों जाम में फंसे रहे।
बच्चों की छुट्टी: जलभराव और भारी बारिश को देखते हुए कई निजी स्कूलों के प्रबंधकों ने अभिभावकों को बच्चों को न भेजने की सलाह दी।
बिजली आपूर्ति भी हुई प्रभावित
बारिश के साथ चली तेज हवाओं के कारण कई इलाकों में पेड़ गिरने और बिजली की लाइनें टूटने की खबरें भी सामने आई हैं। सुरक्षा की दृष्टि से विभाग ने कई सब-स्टेशनों की बिजली काट दी, जिससे आधे शहर को बिजली कटौती का सामना करना पड़ा।
नगर निगम की सफाई
नगर आयुक्त ने स्थिति का जायजा लेते हुए टीम को तत्काल सक्रिय होने के निर्देश दिए हैं। निगम का दावा है कि जहाँ अधिक जलभराव है, वहां पंप लगाकर पानी निकाला जा रहा है। अधिकारियों ने जनता से अपील की है कि वे नालों में कूड़ा न फेंकें ताकि जल निकासी सुचारू रूप से हो सके।
मौसम विभाग ने आगामी 48 घंटों के लिए 'ऑरेंज अलर्ट' जारी किया है, जिसका अर्थ है कि अभी बारिश का सिलसिला जारी रह सकता है।
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