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जल निगम की खुदाई और बारिश ने बढ़ाई मुसीबत, कीचड़ और जाम से जनता बेहाल

मेरठ: शहर में बुनियादी ढांचे के सुधार के लिए की जा रही खुदाई अब आम जनता के लिए जी का जंजाल बन गई है। उत्तर प्रदेश जल निगम द्वारा पाइपलाइन डालने के लिए खोदी गई सड़कों ने हालिया बारिश के बाद विकराल रूप धारण कर लिया है। कीचड़ और गहरे गड्ढों के कारण शहर के कई प्रमुख मार्गों पर यातायात व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है।

जल निगम की लापरवाही का खामियाजा

शहर के विभिन्न इलाकों में सीवर और पानी की पाइपलाइन बिछाने का काम चल रहा है। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि जल निगम ने सड़कें तो खोद दीं, लेकिन काम पूरा होने के बाद उनकी उचित मरम्मत नहीं की गई।

  • फिसलन और हादसे: बारिश का पानी जमा होने से खोदी गई मिट्टी कीचड़ में तब्दील हो गई है, जिससे दोपहिया वाहन चालक लगातार फिसलकर चोटिल हो रहे हैं।

  • फंसी गाड़ियां: कई स्थानों पर भारी वाहन और बसें ढीली मिट्टी में धंस गई हैं, जिन्हें निकालने के लिए घंटों मशक्कत करनी पड़ रही है।

इन इलाकों में सबसे बुरा हाल

बारिश के बाद सबसे ज्यादा समस्या उन क्षेत्रों में देखी जा रही है जहाँ खुदाई का काम अधूरा है:

  1. गढ़ रोड और हापुड़ रोड: यहाँ कीचड़ के कारण वाहनों की गति धीमी हो गई है, जिससे सुबह और शाम के समय लंबा जाम लग रहा है।

  2. आंतरिक गलियां: मोहल्लों के भीतर की सड़कों पर पैदल चलना भी दूभर हो गया है। स्कूली बच्चों और बुजुर्गों को सबसे अधिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

  3. व्यापार पर असर: सड़क पर जलभराव और गंदगी के कारण दुकानों तक ग्राहकों का पहुँचना मुश्किल हो गया है, जिससे स्थानीय कारोबार प्रभावित हो रहा है।

प्रशासन और निगम की चुप्पी

सड़कों की बदहाली को लेकर स्थानीय पार्षदों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने नगर निगम और जल निगम के अधिकारियों से शिकायत की है। लोगों की मांग है कि:

  • तत्काल मरम्मत: जिन स्थानों पर पाइपलाइन का काम पूरा हो चुका है, वहां तुरंत ईंटें या रोड़ी डालकर रास्ता सुधारा जाए।

  • बैरिकेडिंग: अधूरे कार्यों वाले गड्ढों के चारों ओर उचित बैरिकेडिंग और चेतावनी बोर्ड लगाए जाएं ताकि रात के अंधेरे में कोई हादसा न हो।

मौसम विभाग की चेतावनी ने बढ़ाई चिंता

मौसम विभाग द्वारा आगामी 24 घंटों में और बारिश होने की संभावना व्यक्त की गई है। यदि बारिश जारी रहती है, तो कीचड़ और जलभराव की समस्या और भी गंभीर हो सकती है। प्रशासन ने लोगों को सलाह दी है कि वे खुदाई वाले मार्गों का उपयोग करने से बचें और वैकल्पिक रास्तों का सहारा लें।

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