मेरठ: महानगर के तहसील रोड और आसपास के इलाकों में शुक्रवार को उस समय हाहाकार मच गया जब पाइपलाइन फटने से जलापूर्ति पूरी तरह ठप हो गई। स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट और बुनियादी ढांचे के सुधार के लिए चल रहे खुदाई कार्य के दौरान लापरवाही की वजह से पुरानी मुख्य पाइपलाइन क्षतिग्रस्त हो गई, जिसके चलते हजारों घरों में सुबह से पानी की एक बूंद भी नहीं पहुंची।
कैसे हुई लापरवाही?
तहसील रोड पर जल निगम द्वारा नई पाइपलाइन बिछाने का काम चल रहा है।
खुदाई में चूक: जेसीबी मशीन से खुदाई के दौरान जमीन के नीचे दबी पुरानी पाइपलाइन का ध्यान नहीं रखा गया। अचानक मशीन का दांत लाइन में लगने से वह फट गई और लाखों लीटर पानी सड़कों पर बह गया।
सड़क बनी तालाब: पाइपलाइन फटने से तहसील रोड के एक बड़े हिस्से में जलभराव हो गया, जिससे आवागमन में भी काफी परेशानी हुई।
प्रभावित इलाके और जनता की मुश्किलें
इस पाइपलाइन के फटने से केवल तहसील रोड ही नहीं, बल्कि उससे जुड़े कई मोहल्लों की सप्लाई प्रभावित हुई है।
हजारों घरों में किल्लत: स्थानीय निवासियों का कहना है कि बिना किसी पूर्व सूचना के सप्लाई कटने से दैनिक कार्यों में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
स्मार्ट सिटी वर्क पर सवाल: लोगों ने नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि ठेकेदार और कर्मचारी बिना नक्शे के खुदाई कर रहे हैं, जिससे आए दिन बिजली और पानी की लाइनें टूट रही हैं।
जल निगम की कार्रवाई
सूचना मिलने के कई घंटों बाद जल निगम की टीम मौके पर पहुंची और मरम्मत का काम शुरू किया।
मरम्मत में समय: अधिकारियों के अनुसार, लाइन काफी पुरानी और मुख्य फीडर से जुड़ी है, इसलिए इसे जोड़ने में काफी समय लग सकता है। देर रात या कल सुबह तक ही सप्लाई बहाल होने की उम्मीद है।
टैंकरों की मांग: प्रभावित इलाकों के पार्षदों ने नगर निगम से तत्काल पानी के टैंकर भेजने की मांग की है ताकि लोगों को कुछ राहत मिल सके।
अधिकारियों का बयान
संबंधित विभाग के अधिशासी अभियंता ने बताया कि कार्यदायी संस्था को सावधानी से काम करने के निर्देश दिए गए थे। इस चूक की जांच की जाएगी और यदि लापरवाही सिद्ध होती है, तो संबंधित ठेकेदार पर जुर्माना भी लगाया जा सकता है।
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