लखनऊ/मेरठ: उत्तर प्रदेश आतंकवाद निरोधी दस्ते (UP ATS) ने राज्य में सक्रिय एक खतरनाक स्लीपर सेल मॉड्यूल का भंडाफोड़ करते हुए चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। एटीएस की जांच में सामने आया है कि मेरठ और लखनऊ से गिरफ्तार किए गए संदिग्ध सीधे तौर पर पाकिस्तानी आतंकी 'अबू बकर' के इशारे पर काम कर रहे थे। इस गुट को आतंकी संगठन की 'B-टीम' के रूप में तैयार किया जा रहा था, जिसका मुख्य उद्देश्य उत्तर प्रदेश के शांत माहौल को बिगाड़ना था।
कौन है अबू बकर और क्या है 'B-टीम'?
अबू बकर एक कुख्यात पाकिस्तानी हैंडलर है जो भारत में नए युवाओं को कट्टरपंथी बनाने (Radicalization) के लिए जाना जाता है।
भर्ती की प्रक्रिया: एटीएस के अनुसार, अबू बकर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के जरिए युवाओं से संपर्क करता था और उन्हें 'जिहाद' के नाम पर गुमराह कर इस 'B-टीम' में शामिल करता था।
स्लीपर सेल का काम: इस टीम को मुख्य आतंकी हमले के लिए बैकअप और लॉजिस्टिक्स (हथियार, ठिकाना और रेकी) उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी दी गई थी। ये लोग समाज में सामान्य नागरिकों की तरह रहते थे ताकि किसी को शक न हो।
मेरठ बना साजिश का प्रमुख केंद्र
गिरफ्तार संदिग्धों में से साकिब और अरबाब के मोबाइल डेटा से मेरठ के कई महत्वपूर्ण ठिकानों के नक्शे मिले हैं।
खुफिया ट्रेनिंग: इन युवाओं को ऑनलाइन माध्यम से आईईडी (IED) बनाने और कोड लैंग्वेज में बात करने की ट्रेनिंग दी जा रही थी।
फंडिंग का स्रोत: जांच में पता चला है कि 'अबू बकर' ने इन स्लीपर सेल्स को सक्रिय करने के लिए खाड़ी देशों (Gulf Countries) के जरिए फंडिंग भेजी थी।
एटीएस की रडार पर कई और संदिग्ध
एटीएस चीफ के अनुसार, गिरफ्तार किए गए आरोपियों से पूछताछ के आधार पर मेरठ, हापुड़ और बुलंदशहर में छापेमारी की जा रही है।
डिजिटल सबूत: आरोपियों के पास से बरामद लैपटॉप में कई ऐसी वीडियो क्लिप्स मिली हैं, जिनमें भड़काऊ भाषण और हथियारों को चलाने के तरीके बताए गए हैं।
टारगेट लिस्ट: इस मॉड्यूल के निशाने पर कुछ प्रमुख हिंदू संगठन के नेता और भीड़भाड़ वाले बाजार थे।
सुरक्षा एजेंसियां हाई अलर्ट पर
इस खुलासे के बाद मेरठ और लखनऊ सहित पूरे प्रदेश में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है।
सीसीटीवी निगरानी: रेलवे स्टेशनों, बस अड्डों और मॉल में सुरक्षा बढ़ा दी गई है।
जनता से अपील: पुलिस ने नागरिकों से आग्रह किया है कि यदि कोई व्यक्ति संदिग्ध गतिविधियों में लिप्त दिखे या सोशल मीडिया पर देश विरोधी सामग्री साझा करे, तो उसकी सूचना तुरंत हेल्पलाइन नंबर पर दें।
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