पश्चिम बंगाल में चुनावी सरगर्मी के बीच कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने ममता बनर्जी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर सीधा हमला बोला है। एक चुनावी जनसभा को संबोधित करते हुए राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस (TMC) और केंद्र में भारतीय जनता पार्टी (BJP) की कार्यप्रणाली में कोई खास अंतर नहीं है।
'डर और नफरत की राजनीति' का आरोप
राहुल गांधी ने अपने भाषण में कहा कि जहां एक तरफ पीएम मोदी नफरत की राजनीति कर रहे हैं, वहीं बंगाल में ममता बनर्जी की सरकार डर और हिंसा के दम पर शासन चला रही है। उन्होंने कहा कि बंगाल की जनता अब इन दोनों ही शक्तियों से ऊब चुकी है और एक सकारात्मक बदलाव की तलाश में है। राहुल ने दावा किया कि भाजपा और टीएमसी के बीच अंदरूनी साठगांठ है, जिसका मकसद विपक्ष की आवाज को दबाना है।
बेरोजगारी और भ्रष्टाचार पर घेरा
कांग्रेस नेता ने राज्य में बढ़ते भ्रष्टाचार और बेरोजगारी के मुद्दे को प्रमुखता से उठाया। उन्होंने कहा कि ममता बनर्जी के शासन में बंगाल के युवाओं को नौकरी के लिए दर-दर भटकना पड़ रहा है, जबकि टीएमसी के नेता भ्रष्टाचार में डूबे हैं। साथ ही, उन्होंने केंद्र सरकार की आर्थिक नीतियों की भी आलोचना की और कहा कि महंगाई ने आम आदमी की कमर तोड़ दी है।
कांग्रेस-वाम गठबंधन को बताया विकल्प
राहुल गांधी ने बंगाल की जनता से अपील की कि वे कांग्रेस और वामदलों के गठबंधन को मौका दें। उन्होंने वादा किया कि उनका गठबंधन बंगाल को हिंसा मुक्त और रोजगार युक्त बनाने की दिशा में काम करेगा। राहुल के इस कड़े रुख के बाद बंगाल में 'इंडिया' गठबंधन के सहयोगियों (TMC और कांग्रेस) के बीच दरार और गहरी होती नजर आ रही है।
0 टिप्पणियाँ