मुजफ्फरनगर: उत्तर प्रदेश की मुजफ्फरनगर जनपद पुलिस को आर्थिक अपराधों और धोखाधड़ी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान में एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस ने निवेश के नाम पर 'दोगुना मुनाफा' कमाने का झांसा देकर सैकड़ों सीधे-साधे लोगों से करोड़ों रुपये की ठगी करने वाले दो शातिर जालसाजों को गिरफ्तार किया है। इन ठगों ने एक फर्जी निवेश स्कीम (Ponzi Scheme) चला रखी थी, जिसके जाल में फंसकर कई परिवारों की जीवनभर की गाढ़ी कमाई डूब गई।
शानदार रिटर्न का झांसा देकर फैलाया था जालसाजी का नेटवर्क
पुलिस लाइंस में आयोजित प्रेसवार्ता में मामले का खुलासा करते हुए वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने बताया कि पकड़े गए आरोपियों की पहचान काफी समय से वांछित चल रहे शातिर अपराधियों के रूप में हुई है। ये आरोपी लोगों को अपनी लुभावनी योजनाओं में पैसे लगाने के लिए प्रेरित करते थे। शुरुआत में कुछ निवेशकों को विश्वास जीतने के लिए समय पर 'प्रॉफिट' (मुनाफा) भी दिया जाता था, ताकि वे अन्य लोगों को भी इस स्कीम से जोड़ें। जब इनके पास करोड़ों रुपये का फंड इकट्ठा हो गया, तो आरोपियों ने अपने दफ्तर बंद कर दिए और निवेशकों के फोन उठाने बंद कर दिए।
पीड़ितों की शिकायत पर हरकत में आई पुलिस
धोखाधड़ी का शिकार हुए दर्जनों पीड़ितों ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) से मुलाकात कर न्याय की गुहार लगाई थी। पीड़ितों का आरोप था कि आरोपियों ने न केवल उनकी जमा पूंजी हड़प ली, बल्कि पैसे वापस मांगने पर जान से मारने की धमकी भी दी। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर तफ्तीश शुरू की। सर्विलांस और लोकल इंटेलिजेंस (मुखबिर तंत्र) की मदद से पुलिस टीम ने घेराबंदी करते हुए दोनों आरोपियों को मुजफ्फरनगर क्षेत्र से ही दबोच लिया।
फर्जी दस्तावेज और बैंक खाते खंगाल रही पुलिस
गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से फर्जी दस्तावेज, रसीद बुक, मोबाइल फोन और ठगी के पैसों से जुड़े कुछ बैंक खातों की जानकारी बरामद की है। शुरुआती पूछताछ में पता चला है कि इस रैकेट के तार अन्य जनपदों और राज्यों से भी जुड़े हो सकते हैं। पुलिस अब इन ठगों के बैंक खातों को फ्रीज (सीज) कराने की कानूनी प्रक्रिया में जुट गई है ताकि पीड़ितों के पैसे रिकवर किए जा सकेंगे। इसके साथ ही इस धोखाधड़ी में शामिल इनके अन्य सहयोगियों की तलाश में भी दबिश दी जा रही है।
निष्कर्ष: जनता से सतर्क रहने की अपील
मुजफ्फरनगर पुलिस ने इस बड़ी कामयाबी के बाद आम जनता से अपील की है कि वे किसी भी गैर-पंजीकृत वित्तीय संस्था या अज्ञात व्यक्ति के बहकावे में आकर अपनी गाढ़ी कमाई का निवेश न करें। अधिक मुनाफे या रकम दोगुनी करने का लालच देने वाली योजनाएं अक्सर फर्जी होती हैं। फिलहाल, पकड़े गए दोनों जालसाजों को सुसंगत कानूनी धाराओं के तहत जेल भेज दिया गया है और मामले की आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।
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