मेरठ: उत्तर प्रदेश भारत स्काउट्स एवं गाइड्स के तत्वावधान में युवाओं के चारित्रिक और मानसिक विकास को बढ़ावा देने के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण जिला स्तरीय बैठक संपन्न हुई। मेरठ के वरिष्ठ प्रशासनिक और शिक्षा विभाग के अधिकारियों की उपस्थिति में आयोजित इस बैठक का मुख्य उद्देश्य जनपद के उच्च शिक्षण संस्थानों, कॉलेजों और विद्यालयों में रोवर-रेंजर (Rover Ranger) गतिविधियों को जमीनी स्तर पर मजबूत करना और युवाओं की भागीदारी को दोगुना करना रहा।
युवाओं के व्यक्तित्व निर्माण में रोवर-रेंजर की भूमिका अहम
बैठक के दौरान जिला अधिकारियों और शिक्षाविदों ने सर्वसम्मति से इस बात पर जोर दिया कि आज के डिजिटल युग में युवाओं को अनुशासन, समाज सेवा और देशभक्ति की भावना से जोड़ना बेहद जरूरी है। स्काउटिंग और गाइडिंग की उच्च शाखा 'रोवर-रेंजर' इसमें सबसे बड़ी भूमिका निभा सकती है। अधिकारियों ने कहा कि कॉलेज स्तर पर इन गतिविधियों के संचालन से न केवल छात्रों का आत्मबल बढ़ता है, बल्कि वे आपदा प्रबंधन (Disaster Management) और सामाजिक सरोकारों के प्रति भी जागरूक बनते हैं।
सभी कॉलेजों में अनिवार्य रूप से गठित होंगी टोलियां
बैठक में जिला विद्यालय निरीक्षक (DIOS) और उच्च शिक्षा विभाग के प्रतिनिधियों को कड़े निर्देश जारी किए गए हैं। इसके तहत मेरठ जनपद के सभी सरकारी, सहायता प्राप्त और निजी महाविद्यालयों में अनिवार्य रूप से रोवर-रेंजर टोलियों का गठन किया जाएगा। जिन शिक्षण संस्थानों में यह इकाइयां फिलहाल निष्क्रिय पड़ी हैं, उन्हें तुरंत पुनर्जीवित करने और नियमित रूप से प्रशिक्षण शिविर आयोजित करने के आदेश दिए गए हैं। इसके साथ ही, ग्रामीण क्षेत्रों के कॉलेजों में भी विशेष अभियान चलाकर छात्र-छात्राओं को इससे जोड़ा जाएगा।
प्रशिक्षण और बजट व्यवस्था पर हुई गहन चर्चा
गतिविधियों को सुचारू रूप से चलाने के लिए फंड और ट्रेनर्स (प्रशिक्षकों) की उपलब्धता पर भी विस्तृत कार्ययोजना तैयार की गई। अधिकारियों ने जिला स्काउट गाइड कमिश्नर और संबंधित पदाधिकारियों को निर्देश दिए कि वे ब्लॉक स्तर पर जाकर प्रशिक्षण कार्यक्रमों की समीक्षा करें। कॉलेजों में तैनात रोवर-रेंजर प्रभारियों को आधुनिक और व्यावहारिक ट्रेनिंग देने के लिए जल्द ही एक विशेष कार्यशाला का आयोजन मेरठ में किया जाएगा, ताकि वे छात्र-छात्राओं को बेहतर ढंग से मार्गदर्शित कर सकें।
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