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कांवड़ यात्रा के मद्देनजर मेरठ परिक्षेत्र में 4 अस्थायी थाने और 58 पुलिस चौकियां स्थापित: DIG कलानिधि नैथानी ने सक्रिय की व्यवस्था

मेरठ: पवित्र श्रावण मास की आगामी कांवड़ यात्रा के दौरान लाखों शिवभक्तों और श्रद्धालुओं की सुरक्षा, सुगम आवागमन और त्वरित पुलिस सहायता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से उत्तर प्रदेश के मेरठ परिक्षेत्र में व्यापक सुरक्षा इंतजाम किए गए हैं। मेरठ जोन के पुलिस उपमहानिरीक्षक (DIG) कलानिधि नैथानी के निर्देशों पर कांवड़ यात्रा शुरू होने से चार दिन पूर्व ही परिक्षेत्र में 4 अस्थायी पुलिस थाने और 58 अस्थायी पुलिस चौकियां स्थापित कर उन्हें पूरी तरह सक्रिय कर दिया गया है।

जिलेवार थानों और चौकियों का आवंटन

कांवड़ मार्गों, विश्राम स्थलों और मेला क्षेत्रों में कानून-व्यवस्था बनाए रखने और भीड़ नियंत्रण के लिए पुलिस बल की तैनाती कर दी गई है:

  • मेरठ जिला: 1 अस्थायी पुलिस थाना एवं 9 पुलिस चौकियां।

  • हापुड़ जिला: 1 अस्थायी पुलिस थाना एवं 21 पुलिस चौकियां।

  • बुलंदशहर जिला: 1 अस्थायी पुलिस थाना एवं 17 पुलिस चौकियां।

  • बागपत जिला: 1 अस्थायी पुलिस थाना एवं 11 पुलिस चौकियां।

QR कोड और GPS तकनीक से लैस होंगी चौकियां

DIG कलानिधि नैथानी ने सभी चौकियों और थानों को 'श्रद्धालु-अनुकूल' (Pilgrim-Friendly) बनाने के कड़े निर्देश जारी किए हैं।

  1. स्कैन करते ही मिलेगी जानकारी: प्रत्येक अस्थायी थाने व चौकी पर एक विशेष QR कोड लगाया गया है। इसे स्कैन करते ही श्रद्धालुओं को नजदीकी कांवड़ मार्ग, चिकित्सा सुविधा, पेयजल और विश्राम स्थलों की लाइव जानकारी मिल जाएगी।

  2. GPS ट्रैकिंग से उच्च अधिकारियों की नजर: नियंत्रण कक्ष से रियल-टाइम मॉनिटरिंग के लिए सभी अस्थायी पुलिस थानों और चौकियों की लोकेशन को जीपीएस (GPS) कोऑर्डिनेट्स के साथ मैप किया गया है।

  3. हेल्प डेस्क और प्राथमिक चिकित्सा: प्रत्येक सहायता केंद्र पर फर्स्ट-एड किट, पेयजल, प्रकाश, वायरलेस संचार और आवश्यक दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित की गई है।

पुलिसकर्मियों को शिष्ट व्यवहार और अलर्ट रहने की हिदायत

डीआईजी ने कांवड़ ड्यूटी पर तैनात सभी पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को सख्त निर्देश दिए हैं कि वे कांवड़ियों और आम जनता के साथ अत्यंत शालीन व सहयोगात्मक व्यवहार रखें। किसी भी आपात स्थिति या सूचना पर तत्काल रिस्पॉन्स देने, संदिग्ध व्यक्तियों पर पैनी नजर रखने और बीमार या चोटिल शिवभक्तों को तुरंत प्राथमिक उपचार उपलब्ध कराने या अस्पताल पहुंचाने की जिम्मेदारी भी तय की गई है।

निष्कर्ष: सुरक्षित और सुगम यात्रा का संकल्प

मेरठ परिक्षेत्र पुलिस प्रशासन की इस समयपूर्व और तकनीक-आधारित पहल से कांवड़ मार्गों पर यातायात व्यवस्था दुरुस्त रहेगी और असामाजिक तत्वों पर नकेल कसी जा सकेगी। पुलिस का मुख्य उद्देश्य कांवड़ यात्रा को शांतिपूर्ण, भव्य और दुर्घटना-मुक्त संपन्न कराना है।

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