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श्री वेंकटेश्वर विश्वविद्यालय का २८वां स्थापना दिवस धूमधाम से मनाया गया: सांस्कृतिक प्रस्तुतियों और महायज्ञ से गूंजा परिसर

 


मेरठ: उत्तर प्रदेश के मेरठ-गजरौला मार्ग पर स्थित प्रमुख शैक्षणिक संस्थान श्री वेंकटेश्वर विश्वविद्यालय/वेंकटेश्वर समूह का २८वां स्थापना दिवस (28th Foundation Day) बेहद हर्षोल्लास, भव्यता और सांस्कृतिक उत्साह के साथ मनाया गया। विश्वविद्यालय के केंद्रीय सभागार में आयोजित इस गरिमामयी समारोह में शिक्षाविदों, प्रशासनिक अधिकारियों, डॉक्टरों और हजारों विद्यार्थियों ने शिरकत की। इस विशेष अवसर पर परिसर में विश्व कल्याण की भावना से महायज्ञ, पौधरोपण और सांस्कृतिक संध्या का भव्य आयोजन किया गया।


समारोह का उद्घाटन और चेयरमैन का संदेश


कार्यक्रम का शुभारंभ वेंकटेश्वर समूह के चेयरमैन डॉ. सुधीर गिरि, प्रतिकुलाधिपति डॉ. राजीव त्यागी और कुलपति ने मां सरस्वती की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्वलित कर किया। समारोह को संबोधित करते हुए चेयरमैन डॉ. सुधीर गिरि ने संस्थान के सफर को याद किया। उन्होंने कहा कि लगभग २८ वर्ष पूर्व एक छोटे से पौधे के रूप में शुरू हुआ यह वेंकटेश्वर संस्थान आज वटवृक्ष बन चुका है, जिसके अंतर्गत कई विश्वविद्यालय, मेडिकल कॉलेज और तकनीकी संस्थान संचालित हो रहे हैं। उन्होंने अगले दस वर्षों में विश्वविद्यालय को देश के शीर्ष शैक्षणिक संस्थानों की श्रेणी में शामिल करने के अपने संकल्प को दोहराया।


सामाजिक सरोकार: महायज्ञ, रक्तदान और पौधरोपण


स्थापना दिवस को केवल एक उत्सव तक सीमित न रखकर इसे सामाजिक और राष्ट्रीय सेवाओं से जोड़ा गया:

  1. विश्व कल्याण महायज्ञ: सुबह के सत्र में मंत्रोच्चार के साथ वैदिक महायज्ञ एवं हवन का आयोजन हुआ, जिसमें सभी संकायों के अध्यक्षों व विद्यार्थियों ने आहुतियां दीं।

  2. वृक्षारोपण अभियान: पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए परिसर व हाईवे के आसपास सैकड़ों छायादार और औषधीय पौधे लगाए गए।

  3. रक्तदान शिविर व सामाजिक कार्य: इस अवसर पर विशाल रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया, जिसमें छात्र-छात्राओं और स्टाफ सदस्यों ने बढ़-चढ़कर रक्तदान किया।


देशभक्ति से ओत-प्रोत सांस्कृतिक कार्यक्रम


स्थापना दिवस की शाम को विश्वविद्यालय के छात्र-छात्राओं ने एक से बढ़कर एक रंगारंग और देशभक्ति से ओत-प्रोत सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं। इसमें लोक नृत्य, शास्त्रीय संगीत, नाटकों और एनसीसी कैडेट्स द्वारा प्रस्तुत विशेष बैंड शो ने दर्शकों की खूब तालियां बटोरीं। विभिन्न क्षेत्रों और वार्षिकोत्सव प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले मेधावी छात्रों और संकाय सदस्यों को मंच से स्मृति चिह्न व प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया।


निष्कर्ष: गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और राष्ट्र निर्माण का संकल्प


श्री वेंकटेश्वर विश्वविद्यालय का २८वां स्थापना दिवस न केवल अतीत की ऐतिहासिक उपलब्धियों के जश्न का प्रतीक बना, बल्कि भविष्य की नई ऊंचाइयों को छूने का आधार भी साबित हुआ। प्रबंधन और शिक्षकों ने एक स्वर में गुणवत्तापूर्ण अनुसंधान, विश्वस्तरीय तकनीकी शिक्षा और समाज के हर तबके को सशक्त बनाने के अपने वादे को दोहराया।


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