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मेरठ मेडिकल कॉलेज में विश्व अंगदान दिवस पर जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन

 


अंगदान की कमी को पूरा करने और समाज में इसके प्रति जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से, मेरठ के मेडिकल कॉलेज में विश्व अंगदान दिवस के अवसर पर एक विशेष जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। 13 अगस्त को मनाए जाने वाले इस वैश्विक दिवस पर छात्रों, डॉक्टरों और आम जनता को अंगदान के महत्व और इसके जरिए किसी का जीवन बचाने के तरीकों के बारे में विस्तार से बताया गया।

विश्व अंगदान दिवस का महत्व


विश्व अंगदान दिवस हमें याद दिलाता है कि एक व्यक्ति अपने देहांत के बाद आठ लोगों की जान बचा सकता है। हृदय, लीवर, किडनी, फेफड़े, अग्न्याशय और आंतों जैसे अंगों के अलावा, आंखों की रोशनी (कॉर्निया), त्वचा और हड्डियों का दान भी कई लोगों के जीवन में नई उम्मीद जगा सकता है। हालांकि, आज भी जागरूकता की कमी के कारण ट्रांसप्लांट का इंतजार करने वाले मरीजों की संख्या बहुत अधिक है।

कार्यक्रम की मुख्य बातें


मेरठ में आयोजित इस कार्यक्रम में विशेषज्ञों ने अंगदान से जुड़ी भ्रांतियों को दूर करने पर जोर दिया:

  • मिथकों का निवारण: विशेषज्ञों ने स्पष्ट किया कि अंगदान करने वाले व्यक्ति के उपचार में डॉक्टरों की प्राथमिकता हमेशा मरीज की जान बचाने की ही होती है।

  • पंजीकरण प्रक्रिया: उपस्थित लोगों को अंगदाता के रूप में पंजीकरण करने की सही प्रक्रिया और अपने परिवार के साथ इस विषय पर चर्चा करने के महत्व के बारे में जानकारी दी गई।

  • जीवन का उपहार: कार्यक्रम में बताया गया कि अंग विफलता एक गंभीर समस्या है और स्वैच्छिक अंगदान मानवता की सेवा का सबसे बड़ा कार्य है।

एक कदम समाज के नाम


इस कार्यक्रम के माध्यम से मेडिकल कॉलेज ने लोगों को प्रेरित किया कि वे आगे आएं और अंगदान का संकल्प लें। डॉक्टरों ने सभी से अपील की कि वे समाज में फैले डर और भ्रम को दूर करें और अंगदान जैसे नेक कार्य में सहयोग करें।

इस तरह के जागरूकता अभियानों से मेरठ में अंगदान को लेकर एक सकारात्मक माहौल बन रहा है, जो आने वाले समय में जरूरतमंद मरीजों के लिए जीवनदायिनी साबित होगा।

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