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कर्जदार ने ही चोरी कराए थे सर्राफ के 20 लाख के जेवर, तीनों आरोपी गिरफ्तार


ढबारसी गांव में आरोपी के घर 25 हजार का तगादा करने गया था सर्राफ, इसी बीच मोपेड पर टंगा बैग चोरी हुआ 

गाजियाबाद। मसूरी क्षेत्र के ढबारसी गांव में 13 जनवरी को सर्राफ का 20 लाख के जेवर से भरा बैग चुराने की घटना का मसूरी पुलिस ने गुरुवार को खुलासा कर दिया। पुलिस के मुताबिक सर्राफ जिस कर्जदार के पास 25 हजार का तगादा करने गया था, उसी ने भाई और साथी से चोरी की घटना को अंजाम दिलवाया था। तीनों को गिरफ्तार कर जेवर बरामद कर लिए गए।

थाना हापुड़ देहात के गांव टियाला निवासी गजेंद्र कुमार मसूरी थानाक्षेत्र के ढबारसी गांव में आभूषणों की दुकान करते हैं। उन्होंने 14 जनवरी को मसूरी थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि 13 जनवरी को वह दुकान बंद करने के बाद चांदी के आभूषण और जरूरी कागजात एक बैग में भरकर मोपेड से घर जा रहे थे। रास्ते में वह ढबारसी निवासी शाहनवाज के घर उधार के 25 हजार रुपये का तगादा करने के लिए रुके। इसी दौरान अज्ञात व्यक्ति ने मोपेड पर टंगा आभूषणों से भरा बैग चोरी कर लिया। एसीपी मसूरी लिपि नगायच ने बताया कि शिकायत पर अज्ञात चोरों के खिलाफ केस दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी गई थी। इसी क्रम में पुलिस ने गुरुवार को घटना का खुलासा करते हुए ढबारसी निवासी शाहनवाज, उसके भाई शाहबाज और अबुजर को गिरफ्तार कर लिया। एसीपी का कहना है कि आरोपियों से आभूषणों की शत-प्रतिशत रिकवरी की गई है। 


शाहनवाज ही निकला साजिशकर्ता

एसीपी मसूरी के मुताबिक आरोपियों ने बताया कि शाहनवाज पर सर्राफ गजेंद्र के करीब 25 हजार रुपये उधार थे। गजेंद्र अक्सर दुकान बंद कर सारा माल अपने साथ लेकर तगादा करने आता था। घटना वाले दिन भी जब वह अपने रुपये मांगने शाहनवाज के घर पहुंचा तो वहां मिले उसके भाई शाहबाज ने उसे  रुपये लेने भाई के घर के भेज दिया। इसी दौरान शाहबाज ने मोपेड पर टंगे बैग को मौका देखकर चुरा लिया और अपने भाई शाहनबाज और अबुजर को दे दिया।


तगादे से परेशान होकर वारदात की

एसीपी मसूरी ने बताया कि घटना के बाद शाहनवाज, उसके भाई शाहबाज और अबुजर ने बैग में रखे मिले पांच हजार रुपये आपस में बांटकर खर्च कर लिए और आभूषणों से भरे बैग को झाड़ियों में छिपा दिया। कुछ देर बाद शाहनवाज ने बैग नाहल गांव में रहने वाली अपनी बहन के घर ले जाकर रख दिया। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वह गुरुवार को बहन के घर से चोरी के गहनों को बेचने के लिए गाजियाबाद जा रहे थे, लेकिन इसी बीच पुलिस ने उन्हें धर-दबोचा। एसीपी का कहना है कि सर्राफ के साथ हुई घटना पूरी तरह से विश्वासघात का मामला है। तीनों आरोपियों को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।


शत-प्रतिशत सामान बरामद 

एसीपी का कहना है कि आरोपियों से आभूषणों की शत-प्रतिशत रिकवरी कर ली गई है। बरामद हुए सोने के आभूषणों में 42 लौंग, चार जोड़ी कुंडल, 11 नोजपिन, कान की सात जोड़ी बालियां, चार अंगूठियां, एक कंठी सेट, एक जोड़ी पुरानी झुमकी, गले के तीन ताबीज, दो लॉकेट और एक जोड़ी टॉप्स शामिल हैं। वहीं, चांदी के आभूषणों में चार जोड़ी पायल, दो जोड़ी पाजेब, दो जोड़ी हथफूल, दो जोड़ी जस्तबंद, गले की 10 चेन, एक मंगलसूत्र, बच्चों की पांच जोड़ी पायल, चार जोड़ी कड़े, एक जोड़ी हथफूल, दो ब्रेसलेट, 11 जोड़ी गुटला, तीन सेट अंगूठा, चार सेट मेहंदी चुटकी, नौ जोड़ी छल्ले, 14 लेडीज अंगूठी, 20 जोड़ी बिछुए, पांच पेंडिल, एक जोड़ी पुरानी पाजेब, चांदी के दो सिक्के और टूटी-फूटी चांदी की पायल शामिल हैं।

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