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हापुड़ रोड तिरंगा गेट की जमीन मेरठ पुलिस को मिली, बनेगा एसपी सिटी का नया ऑफिस

- इस्लामाबाद चौकी के सामने की जमीन को लेकर कई वर्षों से चल रही थी रार

- सीएए हिंसा के बाद जमीन पर एसपी सिटी ऑफिस बनाने का दिया था प्रस्ताव

- जिला पंचायत की ओर से जमीन पुलिस को देने को एनओसी की प्रक्रिया पूरी

मेरठ। हापुड़ रोड पर तिरंगा गेट के बराबर में जिला पंचायत की जमीन पर एसपी सिटी का नया ऑफिस बनेगा। जमीन की एनओसी प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और पुलिस विभाग जल्द कब्जा लेगा। सीएए हिंसा के दौरान हापुड़ रोड और सटे इलाकों में हिंसा का केंद्र रहा था। पुलिस-पीएसी के 35 जवानों को एक दुकान में बंद कर जिंदा जलाने का प्रयास किया गया था। पुलिस पर इसी जगह से फायरिंग की गई। ऐसे में पुलिस की निगरानी बढ़ाने को एसपी सिटी ऑफिस का प्रस्ताव दिया गया था। जमीन पर मेरठ-हापुड़-बुलंदशहर रूट पर बस चलाने वालों ने अपना ऑफिस बनाया हुआ था। मेरठ पुलिस अधिकारियों, आरएसएस पदाधिकारियों और प्रशासनिक अधिकारियों के प्रयास के बाद जमीन पुलिस विभाग को मिली है। अब यहां भवन निर्माण के लिए प्रस्ताव शासन, मुख्यालय को भेजा जाएगा।

हापुड़ रोड पर तिरंगा गेट के बराबर में जिला पंचायत की जमीन है। पूर्व में नगर निगम की ओर से भी दावा कर इस जमीन को अपना बताया गया था। यहां मेरठ-हापुड़-बुलंदशहर रूट के लिए प्राइवेट बस सेवा संचालित की जाती थी और यहीं पर एसोसिएशन का ऑफिस भी बना हुआ था। अब इस जमीन पर एसपी सिटी ऑफिस बनाने की कवायद शुरू की गई। हालांकि जमीन को लेकर विवाद शुरू हो गया और बस संचालक कोर्ट चले गए। जिला पंचायत ने जमीन पर दावा ठोक दिया और कोर्ट में पैरवी की। पुलिस विभाग ने इसी जगह एसपी सिटी ऑफिस बनाने का प्रस्ताव दिया। फिलहाल इस जमीन को पुलिस विभाग को देने के लिए एनओसी दी गई है। यहां एसपी सिटी का नया ऑफिस, इस्लामाबाद पुलिस चौकी की स्थाई इमारत और पुलिस बैरक बनाने का काम शुरू कराया जाएगा। 

सीएए हिंसा के बाद शुरू हुई कवायद

मेरठ में 20 दिसंबर 2019 को सीएए को लेकर हिंसा हुई। हापुड़ रोड, भूमिया पुल और एल ब्लॉक चौकी का इलाका बवाल का सेंटर रहा था। एल-ब्लॉक चौकी के पास एक दुकान में 35 पुलिस-पीएसी जवानों को बंद कर आग लगाने की कोशिश की गई। इस्लामाबाद चौकी फूंक दी गई। पुलिस इस्लामाबाद चौकी से आगे नहीं बढ़ पा रही थी, चूंकि सामने से उपद्रवियों ने पथराव और गोलीबारी कर दी दी। ऐसे में हापुड़ अड्डा से लेकर बिजली बंबा बाईपास और दूसरी ओर भूमिया पुल तक का इलाका सुरक्षित करने के लिए तिरंगा गेट की सरकारी जमीन पर एसपी सिटी ऑफिस बनाने का प्रस्ताव दिया गया था।

कई अधिकारियों के प्रयास से सफलता

मेरठ के पूर्व आईजी प्रवीण कुमार (वर्तमान में एडीजी), मेरठ के पूर्व एडीजी राजीव सबरवाल और ध्रुवकांत ठाकुर ने लगातार प्रकरण में पैरवी की। पूर्व एसएसपी अजय साहनी, रोहित सिंह सजवान और वर्तमान एसएसपी/डीआईजी डॉ. विपिन ताडा लगातार प्रयास करते रहे। प्रशासनिक अफसरों से बातचीत करते हुए गोपनीय रिपोर्ट बनाकर लखनऊ भेजी गई। 

छह साल बाद जाकर मिली जमीन 

जमीन को लेकर लगातार विवाद था। बस संचालक कोर्ट गए, जबकि जिला पंचायत ने कांट्रेक्ट खत्म होने का दावा किया था। ये भी बताया था जमीन पर मालिकाना हक जिला पंचायत का है। बस संचालकों के कार्यालय पर ताला भी लगा दिया गया। इसके बाद से कवायद की जा रही थी। इस जमीन पर कुछ अन्य लोगों ने भी दावा करने का प्रयास किया। हालांकि बात नहीं बनी। कागजी कार्रवाई पूरी कराने के बाद जिला पंचायत लगातार इस जमीन पर काबिज रहा। वहीं, इस्लामाबाद पुलिस चौकी को भी इसी जगह पर अस्थाई रूप से शिफ्ट कराया गया था। 

कहना इनका...

जिला पंचायत की ओर से यह जमीन पुलिस विभाग को दी गई है। जमीन के संबंध में एनओसी मिल गई है। इस जमीन पर अब पुलिस विभाग नई बिल्डिंग का निर्माण कराएगा। 

- डॉ. विपिन ताडा, एसएसपी/डीआईजी मेरठ

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