मेरठ | नगर निगम द्वारा जारी बढ़े हुए गृहकर के बिलों ने शहरवासियों की नींद उड़ा दी है। अचानक बढ़े टैक्स बिलों को देखकर लोग परेशान हैं और उन्हें ठीक कराने के लिए लगातार नगर निगम के चक्कर काटने को मजबूर हैं।
सोमवार को गृहकर बिल लेकर नगर निगम पहुंचे लोगों ने कहा कि उनके मकानों का क्षेत्रफल, उपयोग और श्रेणी पहले जैसी ही है, इसके बावजूद गृहकर बिल कई गुना बढ़ा दिया गया है। कई मामलों में खाली प्लॉट को व्यावसायिक श्रेणी में दर्शाया गया है, तो कहीं आवासीय मकानों को व्यवसायिक बताकर टैक्स बढ़ा दिया गया। सोमवार को समाधान न मिलने से आक्रोशित लोगों का सब्र टूट गया। नगर निगम मुख्य कर निर्धारण अधिकारी के कार्यालय पहुंचे लोगों ने मनमाने तरीके से भेजे गए गृहकर बिल का विरोध करते हुए हंगामा किया। बुर्जग महिला मुन्नी देवी ने कहा कि कई दिनों से अधिकारियों के पास आ रही है लेकिन हर बार उन्हें सिर्फ आश्वासन देकर लौटा दिया जा रहा है। मुकेश सैनी ने बताया कि नगर निगम की मनमानी के चलते लोगों को परेशान होना पड़ रहा है। मुख्य कर निर्धारण अधिकारी ने हंगामा कर रहे लोगों को शांत करते हुए कहा कि गृहकर से संबंधित शिकायतों के निस्तारण के लिए वार्डों में कर समाधान दिवस और चौपाल का लगाई जा रही है, जिन मामलों में त्रुटि है, उनकी जांच कर मौके पर उसका निस्तारण कराया जा रहा है।
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