-जनगणना के लिए मेरठ में 9,361,सहारनपुर में 9,136 प्रगणक और सुपरवाइजर जाएंगे घर-घर
-चार्ज स्टेशन के आधार पर घर-घर जाएगी टीम
-फरवरी-मार्च में शुरू होना है जनगणना का काम, तैयारी तेज
मेरठ | देश की आगामी जनगणना को लेकर प्रशासनिक तैयारियां अंतिम चरण में हैं। इस बार जनगणना का कार्य किसी बड़ी चुनौती से कम नहीं होने वाला है, क्योंकि इसके लिए प्रशासन ने विशाल 'फौज' तैयार की है। अकेले मेरठ और सहारनपुर मंडल में हजारों की संख्या में प्रगणक और सुपरवाइजर घर-घर दस्तक देने के लिए तैयार हो रहे हैं।
जनगणना प्रक्रिया व्यवस्थित बनाने के लिए पूरे क्षेत्र को 'चार्ज स्टेशन' में विभाजित किया गया है। प्रत्येक चार्ज स्टेशन के तहत आने वाले घरों की जिम्मेदारी तय कर दी गई है। टीम सदस्य निर्धारित चार्ट के अनुसार अपने क्षेत्रों में जाएंगे, जिससे कोई भी घर छूटने न पाए और डेटा में दोहराव न हो। तैयारियों की रफ्तार को देखते हुए माना जा रहा है फरवरी और मार्च महीने में जनगणना प्रशिक्षण का मुख्य काम शुरू हो जाएगा। प्रशासन इन कर्मियों के प्रशिक्षण और डिजिटल उपकरणों के प्रबंधन में जुटा है। इस बार जनगणना में डिजिटल माध्यमों का उपयोग अधिक होने की संभावना है। जनगणना के आंकड़ों को सटीक रूप से जुटाने के लिए सरकार ने मानव संसाधन की बड़ी तैनाती की है। आंकड़ों के अनुसार मेरठ जिले की जनगना के लिए 8023 प्रगणक और 1337 सुपरवाइजर की ड्यूटी लगाई जा रही है। इसी तरह सहारनपुर जिले में 7,831 प्रगणक और 1305 सुपरवाइजर की ड्यूटी लगाई जा रही है। इस तरह मेरठ जिले की जनगणना के लिए कुल 9,361 प्रगणक और सुपरवाइजर तैनात किए जा रहे हैं, जबकि सहारनपुर जिले की जनगणना के लिए 9,136 कर्मियों की टीम घर-घर जाकर डेटा एकत्र करेगी। इसी तरह अन्य जिलों में भी प्रगणक और सुपरवाइजर की ड्यूटी लगाई जा रही है।
जल्द होगी ट्रेनिंग की प्रक्रिया
जनगणना को लेकर जल्द ट्रेनिंग प्रक्रिया होगी। ट्रेनर, मास्टर ट्रेनर की ट्रेनिंग के बाद फील्ड में लोग काम करेंगे। यह एक बड़ा काम है, जो विधिवत अप्रैल-मई में प्रारंभ होगा। अन्य कार्रवाई चल रही है
-सूर्यकांत त्रिपाठी, एडीएम वित्त व जिला जनगणना अधिकारी।
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