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मेरठ : आर्मी भर्ती के नाम पर धोखाधड़ी करने वाला गैंग दबोचा, चार गिरफ्तार


- धोखाधड़ी का शिकार हुआ रोहित भी बन गया गैंग का सदस्य ,  गिरोह में 50 से ज्यादा एजेंट शामिल, अभ्यर्थियों को फंसाकर लाते थे

मेरठ | ‘स्पेशल-26’ फिल्म में जिस तरह से अभिनेता अक्षय कुमार और उनके साथी फर्जी सेटअप लगाकर सीबीआई इंटरव्यू का ड्रामा करते हैं, उसी तरह प्रदीप गैंग काम कर रहा था। आर्मी समेत कई विभागों में भर्ती कराने के नाम पर अभ्यर्थियों से ठगी करने वाले गिरोह के चार सदस्यों की गिरफ्तारी आर्मी इंटेलिजेंस के इनपुट पर सदर पुलिस ने की है। यह गिरोह ‘स्पेशल-26’ की तरह भर्ती कार्यालय का सेटअप बना अभ्यर्थियों को झांसा देता था। इन्हें मेडिकल में पास दिखाकर फर्जी बनाए एडमिट कार्ड उपलब्ध कराता था। इस तरह सैकड़ों युवकों को नौकरी के नाम पर झांसा दिया गया। पुलिस फरार छह आरोपियों की तलाश में जुटी है। 

पुलिस लाइन मेरठ में एसपी सिटी आयुष विक्रम सिंह ने बताया मेरठ कैंट क्षेत्र में अस्थाई चतुर्थ श्रेणी कर्मियों की भर्ती प्रक्रिया में रविवार को 1600 अभ्यर्थियों को बुलाया गया था। 19 को फर्जी एडमिट कार्ड के साथ पकड़ा गया। खुलासा हुआ कि इनको प्रदीप, हिमांशु, संदीप, बिजेंद्र, नीरज, रोहित और हरजीत ने एडमिट कार्ड उपलब्ध कराए थे। आर्मी पुलिस और आर्मी इंटेलिजेंस ने सदर पुलिस को सूचना दी और छानबीन शुरू कराई। कुछ लोगों के मोबाइल नंबर और वाहन संख्या के आधार पर पुलिस ने तुरंत बिजेंद्र निवासी रोहतक, हरजीत उर्फ करण निवासी मोहाली, रोहित निवासी सिंभावली हापुड़ और नीरज निवासी मेरठ को गिरफ्तार किया। आरोपियों से अभ्यर्थियों के एडमिट कार्ड, आधार कार्ड बरामद किए गए हैं। आरोपियों के खिलाफ सदर थाने में तीन मुकदमे दर्ज किए गए। मुकदमे में सात आरोपी प्रदीप, हिमांशु, संदीप उर्फ एडवोकेट, सतीश, धर्मेंद्र और प्रताप को वांटेड दिखाया है। 

फर्जी सेटअप बनाकर कराते थे डॉक्टरी

पूछताछ में खुलासा हुआ आर्मी क्षेत्र या आसपास ही यह गिरोह सेटअप बनाता था, जहां भर्ती प्रक्रिया के दौरान मेडिकल कराने का ड्रामा किया जाता था। रोहित रुड़की में आर्मी में अस्थाई चतुर्थ श्रेणी कर्मी रहा है। उसे लेह में काम करने के दौरान आर्मी वालों ने जैकेट पहनने के लिए दी थी। इसी जैकेट को पहनकर वह अभ्यर्थियों को झांसे में लेता था। सेटअप बनाने के बाद अभ्यर्थियों का यहीं पर मेडिकल करा इन्हें फर्जी एडमिट कार्ड उपलब्ध कराए जाते थे। 

गिरोह में कई एजेंट, हर अभ्यर्थी पर मिलते थे 5 हजार 

रोहित से पूर्व में भर्ती के नाम पर दो लाख रुपये की धोखाधड़ी हो चुकी है। रोहित ने सिंभावली थाने में धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज कराया था। हिमांशु ने रोहित से संपर्क किया और उसका परिचय प्रदीप से कराया। प्रदीप एक अभ्यर्थी लाने पर 5 से 10 हजार रुपये देता था। एडमिट कार्ड देने का काम रोहित का था और उसे भी 5 से 8 हजार रुपये हर एडमिट कार्ड पर मिलते थे। अभी तक ढाई लाख रुपये प्रदीप ने रोहित को दिए हैं।

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