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राष्ट्र को सबसे बड़ा खतरा भीतर छिपी राष्ट्रविरोधी सोच से : साध्वी प्राची

-संघ शताब्दी वर्ष के तहत सरधना में आयोजित हुआ हिन्दू सम्मेलन, पंच परिवर्तन, पारिवारिक एकता और सामाजिक समरसता पर मंथन

सरधना | संघ शताब्दी वर्ष के अवसर पर गुरुवार को सरधना के रघुवीर सदन में आयोजित विराट हिंदू सम्मेलन में साध्वी प्राची मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचीं। उन्होंने कहा कि देश की सुरक्षा को सबसे बड़ा खतरा सीमाओं के बाहर से नहीं, बल्कि देश के भीतर मौजूद उन लोगों से है, जो राष्ट्रविरोधी मानसिकता के साथ समाज को कमजोर करने का प्रयास कर रहे हैं। साध्वी प्राची ने समाज में बढ़ती विघटनकारी प्रवृत्तियों पर चिंता जताते हुए कहा कि कुछ धार्मिक परंपराएं सामाजिक संतुलन को प्रभावित कर रही हैं। उन्होंने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि वे अनुसूचित समाज की बस्तियों में जाकर शिक्षा और सामाजिक चेतना को मजबूत करने का कार्य करें।

साध्वी प्राचीन ने हैदराबाद के एक नेता के बयान का जिक्र करते हुए कहा कि वंदेमातरम जैसे राष्ट्रीय उद्घोष का विरोध करना राष्ट्र के प्रति नकारात्मक सोच को दर्शाता है। महाराष्ट्र में हाल ही में सामने आए एक बयान पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए साध्वी प्राची ने कहा कि भारत की पहचान और संस्कृति को चुनौती देने वाली मानसिकता को स्वीकार नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा वर्तमान समय में देश और प्रदेश दोनों सुरक्षित नेतृत्व में हैं और कानून-व्यवस्था पहले से अधिक मजबूत हुई है। अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई से आम नागरिकों, खासकर महिलाओं में सुरक्षा की भावना बढ़ी है।

साध्वी प्राची ने संघ के संघर्षपूर्ण इतिहास का उल्लेख करते हुए कहा संगठन ने उपेक्षा और प्रतिबंधों के बावजूद राष्ट्रसेवा का मार्ग नहीं छोड़ा। आज संघ के स्वयंसेवक प्रशासन, शिक्षा और समाज के विभिन्न क्षेत्रों में अहम भूमिका निभा रहे हैं। उन्होंने संगठन को राष्ट्र निर्माण की सबसे बड़ी शक्ति बताया। सम्मेलन में जिला प्रचारक दीपक कुमार, सह प्रांत प्रचारक आनंद कुमार सहित अन्य वक्ताओं ने सामाजिक एकता और राष्ट्रहित पर विचार रखे। कार्यक्रम के दौरान राष्ट्रभक्ति गीतों और योग प्रदर्शन ने वातावरण को प्रेरणादायी बना दिया। सम्मेलन में नगर खंड प्रचारक उदयप्रताप, सूर्यदेव त्यागी, अविरल, अनुज, संजीत, जितेंद्र, मिलन, संजय, आलोक, गीतिका, विनोद, राजीव, संजीव, शंकर, सुभाष, प्रदीप, विमला, प्रेमलता, उमा, शालिनी, शिवकुमार, लोकेश, संतराम, अर्जुन आदि मौजूद रहे।

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