-- ठंडी हवाओं के कारण बीमार लोगों का बुरा हाल, दोपहर 2 बजे के बाद दिखाई दिया आसमान में सूरज निकली हल्की धूप
-- घरों में कैद होकर रह गए बच्चे बुजुर्ग, मजदूरों का काम करने में हुआ बुरा हाल, हाथ-पैर सुन्न
मुजफ्फरनगर | जनपद में कड़ाके की ठंड और भीषण शीतलहर ने एक बार फिर अपना रौद्र रूप दिखाना शुरू कर दिया है। पिछले 24 घंटों में तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई है, जिससे पूरा जिला ठिठुरने पर मजबूर है। मौसम विभाग के अनुसार, मुजफ्फरनगर का न्यूनतम तापमान गिरकर 4.1 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है, जबकि अधिकतम तापमान भी 13 डिग्री सेल्सियस के आसपास बना हुआ है।
सुबह के समय चलने वाली बर्फीली हवाओं (शीतलहर) ने लोगों को घरों के अंदर रहने पर मजबूर कर दिया। सबसे ज्यादा परेशानी बच्चों और बुजुर्गों को हो रही है, जो इस हाड़ कंपाने वाली ठंड के कारण पूरे दिन कमरों में कैद रहे। ठंडी हवाओं के सीधे संपर्क में आने से बीमार और बुजुर्ग लोगों का बुरा हाल है; अस्पतालों में भी सर्दी-जुकाम और सांस के रोगियों की भीड़ बढ़ गई है।
दोपहर बाद निकले सूरज ने दी मामूली राहत
दिन भर छाई धुंध और कोहरे के बाद दोपहर करीब 2 बजे आसमान में सूरज की झलक दिखाई दी। हल्की धूप निकलने से लोगों ने थोड़ी राहत की सांस ली और छतों व खुले मैदानों की ओर रुख किया। हालांकि, धूप काफी हल्की थी और सर्द हवाओं के सामने बेअसर साबित हुई। शाम होते ही एक बार फिर गलन बढ़ गई।
अलाव और हीटर का सहारा, मजदूरों की बढ़ी मुसीबत
ठंड से बचने के लिए शहर से लेकर देहात तक लोग हीटर, अंगीठी और अलाव के पास बैठे नजर आए। इस मौसम का सबसे दर्दनाक असर दिहाड़ी मजदूरों पर पड़ा है। खुले आसमान के नीचे काम करने वाले मजदूरों के हाथ-पैर सुन्न पड़ रहे हैं, जिससे उनकी रोजी-रोटी पर भी संकट खड़ा हो गया है। शुक्रवार को तापमान अधिकतम 13.0 डिग्री व न्यूनतम 4.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
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