वेस्ट यूपी के सभी जिलों में हुआ विरोध-प्रदर्शन, ज्ञापन सौंपा, मेरठ में सीसीएसयू कैंपस में गेट बंद कर लगाई फोर्स, युवओं से नोकझोंक
मेरठ। यूजीसी के नए नियमों को लेकर वेस्ट यूपी में आक्रोश लगातार बढ़ता जा रहा है। बुधवार को मेरठ समेत आसपास के जिलों में तमाम संगठनों ने प्रदर्शन कर नए नियमों को वापस लेने की मांग की। बुलंदशहर में भाजपा के 10 बूथ अध्यक्षों ने जिलाध्यक्ष से उन्हें पद से मुक्त करने की मांग की।
बुलदंशहर में बुधवार को भाजपा के कुछ बूथ अध्यक्ष पहासू रोड पर एकत्रित हुए। उन्होंने बताया कि यूजीसी के नए नियमों के कारण सवर्ण समाज में काफी गुस्सा है। ऐसे में भाजपा के कार्य और योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने में परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। लोगों के रोष के उन्हें काफी परेशानियां हो रही हैं। उन्होंने कहा कि सरकार ने इस प्रकार के कानून लाकर सवर्णों का हक मारकर उनके बच्चों के भविष्य को खराब करने का कार्य किया है। कानून वापस नहीं करने पर मुरारी नगर शक्ति केंद्र के बूथ अध्यक्ष के साथ-साथ पूरी समिति को कार्य मुक्त करने की मांग की। इस मौके पर बूथ अध्यक्ष विनय कुमार, राजवीर सिंह, पुरुषोत्तम चौहान, चंद्र शेखर शर्मा, नीरज कुमार, प्रवीण राघव, मुकेश कुमार, शिवेंद्र चौहान और सतेंद्र चौहान ने पद से मुक्त कराने की मांग जिलाध्यक्ष से की। अखिल भारतवर्षीय ब्राह्मण महासभा और सवर्ण समाज के लोगों ने बुलंदशहर व जहांगीराबाद में प्रदर्शन कर विरोध जताया। हापुड़ में सिभावली के गांव बक्सर में लोगों ने घरों के बाहर हम सवर्ण हैं भाजपा के नेता यहां न आएं के पर्चे चस्पा कर दिए। सवर्ण समाज के लोगों ने हापुड़ दो स्थानों पर बैठक कर विरोध के साथ 30 जनवरी को नगर पालिका तक विरोध मार्च निकालने का निर्णय लिया।
मेरठ में सीसीएसयू कैंपस से पैदल मार्च की अपील को देखते हुए पुलिस-पीएसी तैनात कर गेट बंद कर दिए गए। इससे युवाओं और पुलिस अधिकारियों के बीच नोकझोंक हुई। कमिश्नरी पर करणी सेना और अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा ने प्रदर्शन किया। सहारनपुर में सवर्ण समाज के लोगों ने कलेक्ट्रेट धरना-प्रदर्शन किया। सैकड़ों की संख्या में जुटे प्रदर्शनकारियों ने कानून को काला करार देते हुए इसे तत्काल निरस्त करने की मांग की। हिंदू राष्ट्र निर्माण संघ ने राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा। बडगांव के मौरा गांव में युवाओं ने विरोध प्रदर्शन किया। गंगोह में आयोजित हिंदू सम्मेलन में स्वामी दीपांकर महाराज के भाषण के बीच दर्शक दीर्घा से एक महिला ने यूजीसी का मुद्दा उठाकर सनसनी फैला दी। मुजफ्फरनगर में संयुक्त हिंदू मोर्चा व सवर्ण समाज के नेतृत्व में सैंकड़ों लोगों ने जलूस निकाल कर कलक्ट्रेट में विरोध प्रदर्शन कर राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा। खतौली में ब्राह्मण समाज के लोगों ने विरोध प्रदर्शन कर एसडीएम को ज्ञापन सौंपा।
बागपत में भगवान परशुराम रक्षा दल ने कलक्ट्रेट पर प्रदर्शन करते हुए राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन सौंपा। दिल्ली जा रहे आचार्य दीपांकर ने बड़ौत में कहा कि सरकार को यूजीसी कानून पर पुर्नविचार करना चाहिए। बड़ौत में ब्राह्मण समाज ने बैठक कर कानून को वापस न लेने पर आंदोलन की चेतावनी दी। शामली ऊन में सवर्ण समाज के लोगों ने प्रदर्शन कर ज्ञापन सौंपा।
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