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वैंकूवर जा रही फ्लाइट बीच रास्ते से लौटी दिल्ली, तकनीकी खराबी ने बढ़ाई यात्रियों की मुसीबत

 

नई दिल्ली: एयर इंडिया की अंतरराष्ट्रीय उड़ान एआई-185 (AI-185), जो दिल्ली से कनाडा के वैंकूवर के लिए रवाना हुई थी, एक बड़ी तकनीकी चूक के कारण बीच रास्ते से वापस दिल्ली लौट आई। विमान के उड़ान भरने के कुछ समय बाद ही तकनीकी खराबी का पता चला, जिसके बाद पायलट ने सुरक्षा कारणों से 'यू-टर्न' लेने का निर्णय लिया। इस घटना से सैकड़ों यात्रियों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ा और इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर अफरा-तफरी का माहौल रहा।

उड़ान भरने के कुछ ही घंटों बाद आई खराबी

जानकारी के अनुसार, विमान ने अपने निर्धारित समय पर दिल्ली से उड़ान भरी थी। जैसे ही विमान ऊंचाई पर पहुंचा, क्रू को सिस्टम में कुछ तकनीकी गड़बड़ी के संकेत मिले। सुरक्षा मानकों को ध्यान में रखते हुए जोखिम न लेते हुए विमान को वापस मोड़ने का फैसला किया गया। एयर इंडिया ने इस तकनीकी खराबी की प्रकृति के बारे में विस्तार से जानकारी साझा नहीं की है, लेकिन इसे एक 'बड़ी गलती' और गंभीर तकनीकी खामी के रूप में देखा जा रहा है।

यात्रियों में दहशत और घंटों का इंतजार

विमान के वापस लौटने की घोषणा के बाद यात्रियों में घबराहट फैल गई। दिल्ली एयरपोर्ट पर उतरने के बाद यात्रियों ने एयरलाइन के कुप्रबंधन को लेकर जमकर नाराजगी जताई। कई यात्रियों की कनेक्टिंग फ्लाइट्स छूट गईं और उन्हें घंटों तक वैकल्पिक व्यवस्था का इंतजार करना पड़ा। यात्रियों का आरोप है कि एयरलाइन की ओर से उन्हें समय पर सही जानकारी और भोजन-पानी की पर्याप्त सुविधा उपलब्ध नहीं कराई गई।

एयर इंडिया का आधिकारिक पक्ष और वैकल्पिक व्यवस्था

एयर इंडिया के प्रवक्ता ने घटना की पुष्टि करते हुए कहा कि यात्रियों की सुरक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। विमान की गहन जांच की जा रही है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके। प्रभावित यात्रियों के लिए वैकल्पिक विमान की व्यवस्था की जा रही है और जो यात्री यात्रा रद्द करना चाहते हैं, उन्हें पूर्ण रिफंड या री-बुकिंग का विकल्प दिया गया है।

अंतरराष्ट्रीय उड़ानों में बढ़ती तकनीकी खामियां

हाल के महीनों में एयर इंडिया की कई अंतरराष्ट्रीय उड़ानों में तकनीकी खराबी और देरी की खबरें सामने आई हैं। विमानन विशेषज्ञों का मानना है कि पुराने बेड़े और रखरखाव में कमी के कारण इस तरह की घटनाएं बढ़ रही हैं। नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) इस मामले की गंभीरता से जांच कर सकता है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि उड़ान से पहले सभी सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन किया गया था या नहीं।

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