मेरठ/पश्चिमी उत्तर प्रदेश: आयकर विभाग (Income Tax) की टीम ने पश्चिमी उत्तर प्रदेश के प्रतिष्ठित व्यापारिक घराने 'बिंदल ग्रुप' (Bindals Group) के विभिन्न ठिकानों पर बड़ी कार्रवाई की है। कई दिनों तक चली इस मैराथन छापेमारी में विभाग ने अब तक 3 करोड़ रुपये की नकदी और लगभग 20 करोड़ रुपये मूल्य के सोने-चांदी के जेवरात बरामद किए हैं। इस कार्रवाई से क्षेत्र के बड़े कारोबारियों और बिल्डरों में हड़कंप मचा हुआ है।
मेरठ समेत कई शहरों में एक साथ दबिश
जानकारी के अनुसार, आयकर विभाग की टीमों ने मेरठ, दिल्ली और नोएडा स्थित बिंदल ग्रुप के कार्यालयों, शोरूम और आवासों पर एक साथ छापेमारी शुरू की थी। विभाग को लंबे समय से टैक्स चोरी और बेनामी संपत्तियों की शिकायतें मिल रही थीं। छापेमारी के दौरान सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे और बाहरी व्यक्तियों के प्रवेश पर पूरी तरह पाबंदी लगा दी गई थी।
लॉकरों और गुप्त ठिकानों से निकला खजाना
सूत्रों के मुताबिक, बरामद की गई नकदी और जेवरात ग्रुप के प्रमोटरों के निजी आवासों और बैंक लॉकरों से मिले हैं। विभाग के अधिकारियों ने नोट गिनने की मशीनें मंगवाई थीं ताकि बरामद रकम का सटीक आकलन किया जा सके। 20 करोड़ रुपये के जेवरात मिलने के बाद अब विभाग इनके खरीद के स्रोतों और बिलों की जांच कर रहा है। यदि इनका सही हिसाब नहीं मिला, तो ग्रुप की मुश्किलें और बढ़ सकती हैं।
दस्तावेजों की जांच में बड़े खुलासे की उम्मीद
नकदी और जेवरात के अलावा, आयकर टीम ने बड़ी संख्या में डिजिटल दस्तावेज, हार्ड ड्राइव और जमीनों के कागजात भी जब्त किए हैं। शुरुआती जांच में भारी मात्रा में अघोषित आय और संदिग्ध लेन-देन के सुराग मिले हैं। विभाग अब ग्रुप के पिछले कुछ वर्षों के आईटी रिटर्न (ITR) और वास्तविक टर्नओवर के बीच के अंतर का मिलान कर रहा है।
पश्चिमी यूपी के व्यापारिक गलियारों में सन्नाटा
बिंदल ग्रुप रियल एस्टेट, रिटेल और अन्य क्षेत्रों में एक बड़ा नाम है। इतनी बड़ी रिकवरी के बाद पश्चिमी उत्तर प्रदेश के अन्य बड़े व्यापारिक समूहों में भी डर का माहौल है। आयकर विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों का कहना है कि यह ऑपरेशन अभी पूरी तरह समाप्त नहीं हुआ है और दस्तावेजों की गहन पड़ताल के बाद बेनामी संपत्तियों के और भी बड़े खुलासे होने की संभावना है।
0 टिप्पणियाँ