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अलर्ट : यूपी और दिल्ली समेत कई राज्य ISI के निशाने पर, रचे जा रहे हैं 'हाइब्रिड आतंकियों' के जरिए नए षड्यंत्र

 


नई दिल्ली/लखनऊ: भारतीय खुफिया एजेंसियों (Intelligence Agencies) ने देश के सुरक्षा तंत्र को लेकर एक बेहद गंभीर और चौंकाने वाला अलर्ट जारी किया है। रिपोर्ट के अनुसार, पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई (ISI) भारत के उत्तर प्रदेश, दिल्ली और पंजाब सहित कई महत्वपूर्ण राज्यों को दहलाने की बड़ी साजिश रच रही है। इस बार चुनौती और भी बड़ी है क्योंकि सीमा पार से पारंपरिक आतंकियों के बजाय 'हाइब्रिड आतंकियों' (Hybrid Terrorists) का एक नया और खतरनाक जाल बुना जा रहा है।

क्या हैं ये 'हाइब्रिड आतंकी'?

सुरक्षा विशेषज्ञों के अनुसार, 'हाइब्रिड आतंकी' वे लोग होते हैं जिनका कोई पिछला आपराधिक या आतंकी रिकॉर्ड नहीं होता। ये सामान्य नागरिकों की तरह समाज के बीच रहते हैं, अपनी नियमित नौकरियां या पढ़ाई करते हैं, और केवल एक विशेष 'मिशन' या हमले के लिए सक्रिय (Activate) किए जाते हैं। हमला करने के बाद ये वापस अपनी सामान्य जिंदगी में लौट जाते हैं, जिससे सुरक्षा एजेंसियों के लिए इन्हें पहचानना और पकड़ना अत्यंत कठिन हो जाता है।

यूपी और दिल्ली में 'स्लीपर सेल्स' को सक्रिय करने की कोशिश

खुफिया इनपुट बताते हैं कि आईएसआई ने सोशल मीडिया और एन्क्रिप्टेड मैसेजिंग ऐप्स के जरिए युवाओं को गुमराह करने और उन्हें कट्टरपंथी बनाने की मुहिम तेज कर दी है। विशेष रूप से दिल्ली और उत्तर प्रदेश के घनी आबादी वाले इलाकों में 'स्लीपर सेल्स' (Sleeper Cells) को हथियार और फंड मुहैया कराने की कोशिशें की जा रही हैं। इनका उद्देश्य आगामी त्योहारों या महत्वपूर्ण राजनीतिक आयोजनों के दौरान अशांति फैलाना है।

एजेंसियों की पैनी नजर और 'एंटी-टेरर' ऑपरेशन

इस इनपुट के बाद उत्तर प्रदेश एटीएस (UP ATS) और दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने अपनी चौकसी बढ़ा दी है। संदिग्ध इलाकों में तलाशी अभियान तेज कर दिए गए हैं और डिजिटल फुटप्रिंट्स की बारीकी से जांच की जा रही है। सुरक्षा बलों को निर्देश दिए गए हैं कि वे उन लोगों पर विशेष नजर रखें जो हाल के दिनों में संदिग्ध विदेशी संपर्कों में रहे हैं।

ड्रोन के जरिए हथियारों की तस्करी

पंजाब सीमा के रास्ते ड्रोन के जरिए छोटे हथियार, ग्रेनेड और ड्रग्स भेजने की घटनाएं भी इस साजिश का हिस्सा मानी जा रही हैं। खुफिया रिपोर्ट में कहा गया है कि इन हथियारों का इस्तेमाल स्थानीय स्तर पर मौजूद हाइब्रिड आतंकियों द्वारा छोटे लेकिन घातक हमलों (Lone Wolf Attacks) को अंजाम देने के लिए किया जा सकता है।

जनता के लिए अपील: सतर्कता ही बचाव

प्रशासन ने आम जनता से अपील की है कि वे किसी भी संदिग्ध व्यक्ति, लावारिस वस्तु या असामान्य गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें। मकान मालिकों को किराएदारों का सत्यापन (Police Verification) अनिवार्य रूप से कराने के निर्देश दिए गए हैं। 'हाइब्रिड मॉडल' को नाकाम करने के लिए जनभागीदारी और सतर्कता को सबसे बड़ा हथियार माना जा रहा है।

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