Looking For Anything Specific?

मवाना में ई-रिक्शा के कारण ट्रैफिक जाम से जनता बेहाल, व्यापारियों ने की नियम बनाने की मांग

 


मवाना (मेरठ): तहसील मवाना के मुख्य बाजारों और चौराहों पर बेलगाम दौड़ते ई-रिक्शा अब आम जनता और व्यापारियों के लिए मुसीबत का सबब बन गए हैं। ई-रिक्शा चालकों द्वारा सड़क के बीचों-बीच वाहन खड़ा करने और यातायात नियमों की अनदेखी के चलते शहर में घंटों जाम की स्थिति बनी रहती है। इस गंभीर समस्या को लेकर स्थानीय व्यापारियों ने प्रशासन से ई-रिक्शा के संचालन के लिए सख्त नियम बनाने और रूट निर्धारित करने की मांग की है।

बाजार के मुख्य मार्गों पर पैदल चलना भी दूभर

व्यापारियों का कहना है कि मवाना के मुख्य बाजार, तहसील रोड और फलाना चौराहा जैसे व्यस्त इलाकों में ई-रिक्शा की संख्या क्षमता से अधिक हो गई है। मानक से अधिक सवारी बैठाने और कहीं भी रिक्शा रोक देने की वजह से पीछे आने वाले वाहनों की लंबी कतार लग जाती है। इससे न केवल ग्राहकों को बाजार आने में असुविधा होती है, बल्कि आपातकालीन वाहनों (एम्बुलेंस आदि) को भी निकलने का रास्ता नहीं मिलता।

व्यापारियों की मुख्य मांगें:

  • रूट का निर्धारण: ई-रिक्शा के लिए विशिष्ट रूट तय किए जाएं ताकि मुख्य बाजारों में भीड़ कम हो सके।

  • पंजीकरण और नंबरिंग: बिना नंबर प्लेट और बिना पंजीकरण के चल रहे ई-रिक्शा पर रोक लगाई जाए।

  • पार्किंग स्टैंड: ई-रिक्शा खड़ा करने के लिए शहर के बाहर या निश्चित स्थानों पर स्टैंड बनाए जाएं।

  • नाबालिग चालकों पर रोक: कई ई-रिक्शा कम उम्र के लड़कों द्वारा चलाए जा रहे हैं, जो हादसों को न्यौता देते हैं।

पुलिस और प्रशासन से हस्तक्षेप की अपील

स्थानीय व्यापार मंडल के प्रतिनिधियों ने पुलिस प्रशासन को चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही यातायात व्यवस्था में सुधार नहीं किया गया, तो व्यापार ठप होने की कगार पर पहुंच जाएगा। व्यापारियों ने मांग की है कि पीक आवर्स (भीड़भाड़ वाले समय) के दौरान मुख्य मार्गों पर पुलिस पिकेट की तैनाती की जाए और नियमों का उल्लंघन करने वाले ई-रिक्शा चालकों के खिलाफ चालानी कार्रवाई की जाए।

स्थानीय निवासियों में भी रोष

केवल व्यापारी ही नहीं, बल्कि स्कूल जाने वाले बच्चे और कामकाजी लोग भी इस अव्यवस्था से परेशान हैं। स्थानीय निवासियों का कहना है कि ई-रिक्शा चालक मनमाना किराया वसूलते हैं और विरोध करने पर अभद्रता पर उतारू हो जाते हैं। प्रशासन को इनके लिए एक 'फेयर चार्ट' (किराया सूची) भी जारी करनी चाहिए।

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ