मेरठ: उत्तर प्रदेश की सांस्कृतिक पहचान और सांप्रदायिक सौहार्द का प्रतीक 'ऐतिहासिक नौचंदी मेला-2026' अपने भव्य आयोजन के लिए पूरी तरह तैयार है। परंपरा के अनुसार, होली के बाद दूसरे रविवार को होने वाला यह उद्घाटन इस वर्ष कल यानी 15 मार्च 2026 की शाम को पूरे राजकीय सम्मान और विधि-विधान के साथ संपन्न होगा। जिला प्रशासन और जिला पंचायत ने मेले को 'दिव्य और भव्य' बनाने के लिए युद्ध स्तर पर तैयारियां पूरी कर ली हैं।
₹1 करोड़ के बजट से बदली जा रही तस्वीर
इस वर्ष मेले के सफल आयोजन और सुंदरीकरण के लिए जिला पंचायत ने एक करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया है। इस राशि से मेला मैदान की सड़कों की मरम्मत, प्रवेश द्वारों का जीर्णोद्धार और महापुरुषों की प्रतिमाओं की रंगाई-पुताई का काम अंतिम चरण में है। मुख्य विकास अधिकारी (CDO) और अन्य नोडल अधिकारियों ने हाल ही में मैदान का निरीक्षण कर सभी व्यवस्थाएं समय से पूरी करने के निर्देश दिए हैं।
उद्घाटन कल, लेकिन दुकानें लगने में होगा इंतजार
मेले का पारंपरिक और औपचारिक उद्घाटन भले ही 15 मार्च को हो रहा है, लेकिन दर्शकों को मुख्य बाजार और झूलों के लिए अभी थोड़ा और इंतजार करना होगा। परंपरा और व्यापारियों की उपलब्धता (बुलंदशहर और अलीगढ़ की नुमाइशों की समाप्ति) को देखते हुए, मेले में विधिवत दुकानें और रौनक 25 अप्रैल से 1 मई के बीच आने की संभावना है। प्रशासन का कहना है कि उद्घाटन के बाद सांस्कृतिक कार्यक्रमों का सिलसिला शुरू कर दिया जाएगा।
पटेल मंडप और नवचंडी मंदिर की भव्यता
मेले के केंद्र बिंदु 'पटेल मंडप' को रंगीन रोशनियों से सजाया जा रहा है, जहाँ तीन दिनों तक विभिन्न सांस्कृतिक और धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। उद्घाटन समारोह की शुरुआत चंडी मंदिर में पूजा-अर्चना और बाले मियां की दरगाह पर चादरपोशी के साथ होगी, जो मेरठ की 'गंगा-जमुनी तहजीब' को प्रदर्शित करता है।
सुरक्षा और सुविधाओं के कड़े इंतजाम
जिलाधिकारी ने निर्देश दिए हैं कि मेले की गरिमा के अनुरूप सुरक्षा व्यवस्था, पेयजल, साफ-सफाई और विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित की जाए। मेले में आने वाले हजारों श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए मोबाइल टॉयलेट, स्वास्थ्य कैंप और सुव्यवस्थित पार्किंग की व्यवस्था भी की गई है। नगर निगम और जिला पंचायत की टीमें कूड़े और गंदगी की सफाई के लिए विशेष अभियान चला रही हैं।
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