मेरठ: लावड़-समसपुर मार्ग पर दर्दनाक सड़क हादसा
मेरठ (लावड़): उत्तर प्रदेश के मेरठ जनपद के लावड़ क्षेत्र में शुक्रवार को एक भीषण सड़क हादसे में एक 22 वर्षीय युवक की जान चली गई। लावड़-समसपुर मार्ग पर दौराला शुगर मिल गन्ना क्रय केंद्र के पास एक तेज रफ्तार कार ने सड़क किनारे खड़ी मोटरसाइकिल में जोरदार टक्कर मार दी। इस हादसे में बाइक सवार युवक की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उसका ममेरा भाई गंभीर रूप से घायल हो गया।
फोन पर बात कर रहा था युवक, तभी काल बनकर आई कार
मिली जानकारी के अनुसार, लावड़ के मोहल्ला खारा कुआं निवासी गौरव जाटव (22 वर्ष) अपने मामा के घर महलका गया था। शुक्रवार को वह अपने ममेरे भाई कुलदीप के साथ वापस लौट रहा था। समसपुर गन्ना क्रय केंद्र के पास उसने अपनी बाइक सड़क किनारे खड़ी की और मोबाइल पर बात करने लगा। इसी दौरान सामने से आ रही एक अनियंत्रित कार ने बाइक को अपनी चपेट में ले लिया। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि गौरव की मौके पर ही मृत्यु हो गई।
परिजनों ने सड़क पर शव रखकर लगाया जाम
हादसे की खबर मिलते ही मृतक के परिजनों और ग्रामीणों में आक्रोश फैल गया। गुस्साए लोगों ने शव को सड़क पर रखकर जाम लगा दिया। परिजनों का आरोप था कि पुलिस ने कार चालक को मौके से जाने दिया। सूचना मिलते ही एएसपी (अंडरट्रेनिंग) बजरंग प्रसाद और सीओ सदर देहात सुधीर सिंह भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुँचे। सपा विधायक अतुल प्रधान ने भी मौके पर पहुँचकर परिजनों को ढांढस बंधाया।
प्रशासन ने दिया मदद का आश्वासन, तब खुला जाम
अधिकारियों ने मृतक के परिवार की आर्थिक स्थिति को देखते हुए मुख्यमंत्री राहत कोष से 5 लाख रुपये की सहायता राशि दिलाने और एक सदस्य को नगर पंचायत लावड़ में संविदा पर नौकरी दिलाने का आश्वासन दिया। इसके बाद ग्रामीण शांत हुए और पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। पुलिस ने कार चालक को हिरासत में ले लिया है।
घायल की हालत नाजुक, हेलमेट न होना पड़ा भारी
हादसे में घायल कुलदीप को मेडिकल अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहाँ उसकी हालत चिंताजनक बनी हुई है। मौके पर मौजूद लोगों का कहना था कि गौरव के सिर पर गंभीर चोटें आई थीं; यदि उसने हेलमेट लगाया होता, तो शायद उसकी जान बच सकती थी।
परिवार में छाया मातम
गौरव के पिता राजेंद्र सिंह शादी समारोहों में घोड़ा-बग्गी चलाते हैं, जबकि गौरव खुद मजदूरी कर परिवार का हाथ बटाता था। उसकी मौत से माता-पिता और तीन बहनों का रो-रोकर बुरा हाल है। छोटा भाई मजदूरी के लिए तमिलनाडु गया हुआ है।
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