मेरठ: उत्तर प्रदेश का महत्वपूर्ण शहर मेरठ अब एक नई पहचान और आधुनिक स्वरूप की ओर अग्रसर है। 'इंटीग्रेटेड डेवलपमेंट प्लान फॉर मेरठ 2025' (IDP 2025) के तहत शहर के 50 प्रमुख चौराहों के सौंदर्यीकरण और तकनीकी विकास की योजना पर तेजी से काम शुरू हो गया है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना के लिए शासन की ओर से लगभग 200 करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया जाना प्रस्तावित है।
चौराहों का होगा तकनीकी विकास, जाम से मिलेगी मुक्ति
इस योजना का मुख्य उद्देश्य मेरठ के व्यस्त चौराहों को न केवल आकर्षक बनाना है, बल्कि वहां की यातायात व्यवस्था को भी सुदृढ़ करना है। विकास कार्यों के तहत चौराहों को 'लेफ्ट टर्न फ्री' (Left Turn Free) बनाया जाएगा, जिससे वाहनों की आवाजाही सुगम होगी और पीक आवर्स के दौरान लगने वाले भीषण जाम से स्थानीय निवासियों को राहत मिलेगी।
योजना के अनुसार, प्रत्येक चौराहे के 100 मीटर के दायरे को अतिक्रमण मुक्त रखा जाएगा। इसके अलावा, आधुनिक लाइटिंग, बेहतर साइन बोर्ड और सौंदर्यीकरण के अन्य कार्य भी किए जाएंगे।
अलग-अलग तैयार हो रही है डीपीआर (DPR)
मेरठ विकास प्राधिकरण (MDA) ने शुरुआत में सभी 50 चौराहों के लिए एक संयुक्त डीपीआर शासन को भेजी थी। हालांकि, शासन ने पारदर्शिता और बेहतर कार्यन्वयन के लिए हर चौराहे की अलग-अलग विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) तैयार करने के निर्देश दिए हैं।
मेडा उपाध्यक्ष संजय कुमार मीना ने बताया कि अब तक लगभग 25 चौराहों की डीपीआर तैयार कर ली गई है। शेष चौराहों की रिपोर्ट भी इसी सप्ताह पूरी कर ली जाएगी और अगले सप्ताह इसे अंतिम स्वीकृति के लिए शासन के पास भेज दिया जाएगा।
इन प्रमुख चौराहों पर सबसे पहले शुरू होगा काम
योजना के पहले चरण में कुछ बेहद महत्वपूर्ण चौराहों को शामिल किया गया है, जिनके टेंडर पहले ही जारी किए जा चुके हैं। इनमें शामिल हैं:
कमिश्नर आवास चौराहा
तेजगढ़ी चौराहा
बच्चा पार्क
हापुड़ अड्डा चौराहा
इन प्रमुख स्थलों पर कार्यदायी संस्थाएं जल्द ही धरातल पर काम शुरू कर देंगी। इसके बाद सर्वे में चयनित अन्य सभी 50 चौराहों पर चरणबद्ध तरीके से सौंदर्यीकरण का काम किया जाएगा।
मेरठ के विकास में मील का पत्थर
'इंटीग्रेटेड डेवलपमेंट प्लान 2025' मेरठ को एक स्मार्ट और व्यवस्थित शहर बनाने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है। बुनियादी ढांचे में इस सुधार से न केवल पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि शहर की आर्थिक गतिविधियों में भी तेजी आएगी। स्थानीय प्रशासन का लक्ष्य 2025 तक मेरठ को उत्तर प्रदेश के सबसे विकसित शहरों की श्रेणी में प्रमुखता से स्थापित करना है।
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