मेरठ: आज 23 मार्च को देश भर में अमर शहीदों की याद में 'शहीद दिवस' (Shaheed Diwas) मनाया जा रहा है। इसी कड़ी में मेरठ के प्रतिष्ठित भगवती कॉलेज ऑफ एजुकेशन (Bhagwati College of Education) में एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। विद्यालय के शिक्षकों और छात्र-छात्राओं ने माँ भारती के वीर सपूतों—सरदार भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरु के बलिदान को याद करते हुए उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।
देशभक्ति के रंग में रंगा कॉलेज परिसर
कार्यक्रम की शुरुआत शहीदों के चित्रों पर माल्यार्पण और दीप प्रज्वलन के साथ हुई। कॉलेज परिसर 'इंकलाब जिंदाबाद' और 'भारत माता की जय' के उद्घोष से गुंजायमान रहा। छात्र-छात्राओं ने देशभक्ति के गीतों, कविताओं और भाषणों के माध्यम से 23 मार्च 1931 की उस ऐतिहासिक घटना को याद किया, जब इन तीनों वीरों ने हंसते-हंसते फांसी के फंदे को चूम लिया था।
युवाओं के लिए प्रेरणा स्रोत हैं शहीद
इस अवसर पर कॉलेज के प्रवक्ताओं और प्रबंधन समिति के सदस्यों ने अपने संबोधन में कहा कि भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव केवल नाम नहीं, बल्कि एक विचार हैं। उन्होंने बताया कि किस तरह कम उम्र में इन क्रांतिकारियों ने देश की आजादी के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया।
सीख: वक्ताओं ने छात्रों से अपील की कि वे शहीदों के दिखाए गए मार्ग पर चलें और राष्ट्र निर्माण में अपना सक्रिय योगदान दें।
संकल्प: कॉलेज के विद्यार्थियों ने देश की एकता और अखंडता को बनाए रखने का संकल्प भी लिया।
सांस्कृतिक कार्यक्रमों के जरिए वीरगाथा का वर्णन
शहीद दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित इस समारोह में छोटे-छोटे नाटकों (Skit) के माध्यम से भगत सिंह के जेल के दिनों और उनकी वैचारिक क्रांति को दर्शाया गया। शिक्षकों ने बताया कि आज की युवा पीढ़ी को इन महान बलिदानों की कीमत समझनी चाहिए ताकि वे अपनी आजादी का सम्मान कर सकें।
अनुशासन और राष्ट्रीय भावना पर जोर
भगवती कॉलेज ऑफ एजुकेशन हमेशा से ही शिक्षा के साथ-साथ नैतिक और राष्ट्रीय मूल्यों के प्रति सजग रहा है। कॉलेज प्रशासन ने कहा कि इस तरह के कार्यक्रमों के आयोजन का मुख्य उद्देश्य भावी शिक्षकों (B.Ed. छात्रों) के भीतर राष्ट्रवाद की भावना को प्रबल करना है ताकि वे आने वाली पीढ़ी को सही दिशा दिखा सकें।
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