नई दिल्ली: ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले करोड़ों एलपीजी (LPG) उपभोक्ताओं के लिए राहत भरी खबर है। सरकार और तेल कंपनियों ने रसोई गैस वितरण प्रणाली में सुधार करते हुए अब दूर-दराज के गांवों में भी 'होम डिलीवरी' (Home Delivery) की सुविधा शुरू कर दी है। इसके साथ ही, गैस बुकिंग और डिलीवरी से जुड़े नियमों को और अधिक पारदर्शी और डिजिटल बना दिया गया है।
गांवों तक पहुँचेगी गैस, खत्म होगा इंतज़ार
अब तक ग्रामीण इलाकों में उपभोक्ताओं को सिलेंडर लेने के लिए खुद गैस एजेंसी या गोदाम तक जाना पड़ता था, जिससे समय और पैसे दोनों की बर्बादी होती थी।
द्वार पर सेवा: नई योजना के तहत, गैस एजेंसियां अब गांवों में छोटे वाहनों के जरिए घर-घर जाकर सिलेंडर पहुंचाएंगी।
वितरण नेटवर्क का विस्तार: इस सेवा को सुचारू बनाने के लिए ग्रामीण स्तर पर नए 'डिस्ट्रीब्यूशन पॉइंट्स' बनाए गए हैं और स्थानीय युवाओं को डिलीवरी पार्टनर के रूप में जोड़ा गया है।
बुकिंग के लिए डिजिटल विकल्पों पर जोर
तेल कंपनियों (IOCL, BPCL, HPCL) ने गैस बुकिंग की प्रक्रिया को अब पूरी तरह डिजिटल कर दिया है ताकि कालाबाजारी पर रोक लग सके।
WhatsApp और मोबाइल ऐप: अब उपभोक्ता मात्र एक मैसेज या ऐप के जरिए सिलेंडर बुक कर सकते हैं। बुकिंग होते ही उपभोक्ता को मोबाइल पर कन्फर्मेशन मैसेज मिलता है।
कैशलेस भुगतान: डिलीवरी के समय नकद लेनदेन की झंझट खत्म करने के लिए डिजिटल पेमेंट (UPI, कार्ड) को प्रोत्साहित किया जा रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों में डिजिटल साक्षरता बढ़ाने के लिए विशेष जागरूकता अभियान भी चलाए जा रहे हैं।
अनिवार्य 'डिलीवरी ऑथेंटिकेशन कोड' (DAC)
सुरक्षा और सही लाभार्थी तक गैस पहुँचाने के लिए DAC (Delivery Authentication Code) सिस्टम को अब अनिवार्य बनाया जा रहा है।
कैसे काम करता है: बुकिंग के बाद उपभोक्ता के रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर एक 4-अंकों का कोड भेजा जाता है।
सत्यापन: जब डिलीवरी बॉय सिलेंडर लेकर घर आएगा, तो उसे यह कोड बताना होगा। कोड मैच होने पर ही डिलीवरी पूरी मानी जाएगी। इससे सिलेंडर की चोरी और गलत वितरण की संभावना शून्य हो जाएगी।
उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों को लाभ
इस नई पहल का सबसे बड़ा लाभ 'प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना' (PMUY) के लाभार्थियों को मिलेगा। गांवों में होम डिलीवरी शुरू होने से उन महिलाओं को बड़ी राहत मिलेगी जिन्हें भारी सिलेंडर लाने के लिए लंबी दूरी तय करनी पड़ती थी।
सब्सिडी और रिफिल अपडेट
उपभोक्ताओं को सलाह दी गई है कि वे अपनी ई-केवाईसी (e-KYC) पूरी रखें ताकि सब्सिडी का पैसा बिना किसी रुकावट के उनके बैंक खाते में आता रहे। रिफिल के समय उपभोक्ता को रसीद लेना अनिवार्य है, जिसमें गैस की कीमत और सब्सिडी का विवरण स्पष्ट रूप से दर्ज होता है।
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