यूपी एटीएस की बड़ी कामयाबी:
लखनऊ: उत्तर प्रदेश आतंकवाद निरोधी दस्ते (UP ATS) ने एक बड़े ऑपरेशन को अंजाम देते हुए राजधानी लखनऊ से चार संदिग्धों को गिरफ्तार किया है। पकड़े गए इन व्यक्तियों पर देशविरोधी गतिविधियों में शामिल होने और कट्टरपंथी विचारधारा को बढ़ावा देने का गंभीर आरोप है। एटीएस की इस कार्रवाई से किसी बड़ी साजिश के नाकाम होने की संभावना जताई जा रही है।
खुफिया इनपुट के आधार पर 'सर्जिकल स्ट्राइक'
एटीएस को पिछले काफी समय से इन संदिग्धों के बारे में खुफिया जानकारी मिल रही थी। पुख्ता सबूत जुटाने के बाद, एटीएस की टीम ने लखनऊ के विभिन्न इलाकों में छापेमारी की और इन्हें दबोच लिया।
गिरफ्तारी का स्थान: लखनऊ के घने आबादी वाले इलाकों से इन संदिग्धों को उठाया गया है।
बरामदगी: तलाशी के दौरान इनके पास से संदिग्ध दस्तावेज, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण (मोबाइल, लैपटॉप) और कट्टरपंथी साहित्य बरामद होने की सूचना है।
विदेशों से जुड़े होने के तार!
प्रारंभिक जांच में संकेत मिले हैं कि ये संदिग्ध सोशल मीडिया के माध्यम से सीमा पार बैठे अपने आकाओं के संपर्क में थे।
ब्रेनवाश: ये लोग युवाओं को गुमराह कर उन्हें कट्टरपंथी बनाने और देश के खिलाफ उकसाने का काम कर रहे थे।
फंडिंग: पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि इन्हें गतिविधियों के लिए पैसा कहां से मिल रहा था और क्या इनके खातों में विदेशी फंडिंग आई है।
नेटवर्क: एटीएस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि उत्तर प्रदेश के अन्य जिलों में इनके और कितने मददगार सक्रिय हैं।
सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट पर
इस गिरफ्तारी के बाद प्रदेश भर में हाई अलर्ट जारी कर दिया गया है। विशेषकर भीड़भाड़ वाले स्थानों, रेलवे स्टेशनों और धार्मिक स्थलों पर सुरक्षा बढ़ा दी गई है। एटीएस के वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार, पकड़े गए संदिग्धों से पूछताछ में कई चौंकाने वाले खुलासे हो सकते हैं।
कोर्ट में पेशी और रिमांड
एटीएस इन चारों संदिग्धों को विशेष अदालत में पेश कर पुलिस रिमांड की मांग करेगी। रिमांड मिलने के बाद इनके डिजिटल फुटप्रिंट्स और डिलीट किए गए डेटा को रिकवर किया जाएगा ताकि इनके पूरे नेटवर्क को ध्वस्त किया जा सके।
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