रूस-यूक्रेन युद्ध के बीच रूसी राजधानी मॉस्को से एक बेहद दुखद और बड़ी खबर सामने आई है। यूक्रेन द्वारा किए गए अब तक के सबसे बड़े ड्रोन हमलों में से एक की चपेट में आने से मॉस्को क्षेत्र में काम करने वाले एक भारतीय मजदूर की मौत हो गई है, जबकि तीन अन्य भारतीय गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। भारतीय दूतावास ने इस घटना की पुष्टि की है।
यूक्रेन का अब तक का सबसे बड़ा हवाई हमला
रूसी रक्षा मंत्रालय के अनुसार, यूक्रेन ने मॉस्को समेत रूस के कई इलाकों को निशाना बनाते हुए रातभर में रिकॉर्ड 556 ड्रोन दागे। इनमें से 81 ड्रोनों को अकेले मॉस्को की ओर बढ़ते समय मार गिराया गया। इस भीषण हमले में मॉस्को की सबसे बड़ी तेल रिफाइनरी और शेरेमेतिएवो एयरपोर्ट (Sheremetyevo Airport) के पास ड्रोन के मलबे गिरे हैं। हमले में कुल 4 लोगों की मौत की खबर है, जिनमें भारतीय नागरिक भी शामिल है।
भारतीय दूतावास का एक्शन और मदद
घटना की जानकारी मिलते ही रूस में मौजूद भारतीय दूतावास के अधिकारी तुरंत एक्टिव मोड में आ गए:
घायलों से मुलाकात: दूतावास के अधिकारियों ने घटनास्थल का दौरा किया और अस्पताल जाकर घायल भारतीय कामगारों से मुलाकात की। उन्हें हर संभव चिकित्सा सहायता दिलाई जा रही है।
संस्थान से संपर्क: दूतावास ने पीड़ित नागरिकों के परिवारों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की है और उस कंपनी के प्रबंधन तथा स्थानीय रूसी अधिकारियों के साथ तालमेल बिठाया है, जहां ये भारतीय काम कर रहे थे।
जेलेंस्की ने हमले को बताया 'पूरी तरह जायज'
इस बड़े हमले के बाद यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की ने सोशल मीडिया पर बयान जारी कर इस कार्रवाई को 'पूरी तरह से जायज' ठहराया है। जेलेंस्की ने कहा कि रूस लगातार यूक्रेन के शहरों और निर्दोष नागरिकों पर हमले कर रहा है, इसलिए यूक्रेन का यह लॉन्ग-रेंज पलटवार रूस को यह बताने के लिए जरूरी था कि उनके शहर भी अब सुरक्षित नहीं हैं और उन्हें यह युद्ध बंद करना होगा।
बढ़ती चिंताएं
युद्ध क्षेत्र में रोजगार और अन्य कामों के लिए गए भारतीयों की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। भारत सरकार लगातार मॉस्को प्रशासन के संपर्क में है ताकि वहां मौजूद अन्य भारतीय नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
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