भारतीय मौसम विभाग (IMD) की ताजा प्रेस रिलीज के अनुसार, 19 मई 2026 (मंगलवार) को देशभर के मौसम में बड़ा और अप्रत्याशित बदलाव देखने को मिलेगा। एक तरफ जहां उत्तर-पश्चिम भारत भीषण गर्मी और लू की चपेट में है, वहीं पश्चिमी विक्षोभ और स्थानीय मौसमी प्रणालियों के सक्रिय होने से अगले 16 घंटों के भीतर यूपी-बिहार समेत 17 राज्यों में आंधी-तूफान और बारिश का दौर शुरू हो सकता है।
इस दौरान कुछ राज्यों में 40 से 80 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तूफानी हवाएं चलने की भी चेतावनी दी गई है।
प्रमुख राज्यों का मौसम पूर्वानुमान:
दिल्ली-एनसीआर, हरियाणा और पंजाब:
इन इलाकों में भीषण गर्मी का प्रकोप जारी रहेगा। मंगलवार को दिल्ली में अधिकतम तापमान 43°C से 45°C के बीच रहने की आशंका है और दिन के समय हीटवेव की स्थिति बनी रहेगी। हालांकि, मौसम विभाग ने धूल भरी तेज सतही हवाएं चलने और कहीं-कहीं आंशिक रूप से हल्की बूंदाबांदी की संभावना भी जताई है, जिससे शाम के वक्त थोड़ी राहत मिल सकती है।
उत्तर प्रदेश:
यूपी के अधिकांश हिस्सों में भीषण गर्मी और लू का दौर बना हुआ है, जिसके लिए मौसम विभाग ने ऑरेंज और यलो अलर्ट जारी किया है। तापमान 44-46°C तक जा सकता है। लेकिन राहत की बात यह है कि पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से मेरठ, मथुरा, आगरा, अलीगढ़, रायबरेली, कानपुर और वाराणसी सहित कुछ जिलों में गरज-चमक के साथ हल्की बारिश और 30-40 किमी/घंटा की रफ्तार से आंधी चलने के आसार हैं।
बिहार और झारखंड:
बिहार के लोगों के लिए मौसम में बड़ी राहत के संकेत हैं। गया, पटना, भागलपुर, पूर्णिया और चंपारण सहित राज्य के कई जिलों में भारी बारिश और आंधी-तूफान का अलर्ट है। इस दौरान 50 से 80 किमी/घंटा की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं, जिससे तापमान में भारी गिरावट दर्ज की जाएगी। झारखंड में भी गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने की संभावना है।
दक्षिण और पूर्वोत्तर भारत:
कर्नाटक और केरल: दक्षिण भारत में प्री-मॉनसून गतिविधियां काफी तेज हैं। बेंगलुरु सहित कर्नाटक के कई हिस्सों में 'यलो अलर्ट' जारी किया गया है। मानसून के भी 26 मई तक केरल पहुंचने की अनुकूल परिस्थितियां बन रही हैं।
असम और मेघालय: पूर्वोत्तर राज्यों में हल्की से मध्यम और कुछ स्थानों पर भारी बारिश का सिलसिला जारी रहेगा।
IMD की सुरक्षित रहने की सलाह:
गर्मी से बचाव: उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में रहने वाले लोग दोपहर 12 से 4 बजे के बीच सीधे धूप में निकलने से बचें और डिहाइड्रेशन से बचने के लिए लगातार पानी या ओआरएस (ORS) का घोल पीते रहें।
आंधी-तूफान के समय सतर्कता: जिन राज्यों में तेज आंधी का अलर्ट है, वहां लोग खराब मौसम के दौरान पेड़ों, कच्चे मकानों और बिजली के खंभों से दूर किसी सुरक्षित स्थान पर शरण लें। किसानों को भी अपनी कटी हुई फसल सुरक्षित रखने की सलाह दी गई है।
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