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मेरठ में पारिवारिक कलह: पत्नी ने पति और ससुराल वालों पर लगाए गंभीर आरोप, थाने पहुंचकर की लिखित शिकायत

 

मेरठ: उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले से घरेलू हिंसा और वैवाहिक विवाद का एक गंभीर मामला सामने आया है। यहाँ एक पीड़ित महिला ने अपने पति और ससुराल पक्ष के अन्य सदस्यों के खिलाफ शारीरिक व मानसिक उत्पीड़न के बेहद संगीन आरोप लगाए हैं। प्रताड़ना से तंग आकर पीड़िता ने स्थानीय थाने में न्याय की गुहार लगाते हुए नामजद लिखित तहरीर दी है। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच शुरू कर दी है।

शादी के कुछ समय बाद से ही शुरू हो गया था उत्पीड़न 

पीड़ित महिला द्वारा पुलिस को दी गई शिकायत के अनुसार, उसका विवाह कुछ समय पूर्व ही मेरठ क्षेत्र के निवासी युवक के साथ हिंदू रीति-रिवाज से संपन्न हुआ था। महिला का आरोप है कि शादी के कुछ दिनों तक सब कुछ ठीक रहा, लेकिन उसके बाद से ही पति और सास-ससुर का रवैया उसके प्रति पूरी तरह बदल गया। महिला ने आरोप लगाया कि ससुराल वाले छोटी-छोटी बातों पर उसे ताने मारते थे और उसके मायके वालों को लेकर अभद्र टिप्पणियां करते थे।

शारीरिक मारपीट और अतिरिक्त मांग का आरोप 

तहरीर में महिला ने आरोप लगाया है कि बात सिर्फ मानसिक प्रताड़ना तक ही सीमित नहीं रही। पिछले कुछ समय से उसके साथ घर के भीतर बंद करके बेरहमी से मारपीट भी की जाने लगी। पीड़िता का दावा है कि उसके पति और ससुराल के अन्य लोग लगातार गैर-कानूनी मांगों को लेकर उस पर दबाव बना रहे थे, और मांग पूरी न होने पर उसे जान से मारने की धमकी भी दी गई। इस विवाद के बाद पीड़िता को उसके ससुराल से निकाल दिया गया, जिसके बाद वह अपने मायके रहने को मजबूर हो गई।

पारिवारिक परामर्श केंद्र भेजा जा सकता है मामला 

थाना प्रभारी ने बताया कि महिला की शिकायत प्राप्त हो गई है। पुलिस के स्थापित नियमों के मुताबिक, वैवाहिक और पारिवारिक विवादों के मामलों में प्राथमिक तौर पर दोनों पक्षों को आमने-सामने बुलाकर बात सुनी जाती है। ऐसे मामलों में सुलह-समझौते और परिवार को टूटने से बचाने के लिए पहली प्राथमिकता जिला महिला पुलिस परामर्श केंद्र (Family Counseling Centre) को दी जाती है, ताकि आपसी सहमति से मामले का निपटारा हो सके।

निष्कर्ष: समझौता न होने पर दर्ज होगी FIR 

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यदि काउंसलिंग के माध्यम से दोनों पक्षों के बीच विवाद का समाधान नहीं निकलता है, या ससुराल पक्ष का अड़ियल रवैया सामने आता है, तो पीड़ित महिला की तहरीर के आधार पर पति और अन्य आरोपियों के खिलाफ घरेलू हिंसा (Domestic Violence) और प्रताड़ना की सुसंगत कानूनी धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर सख्त कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पुलिस मामले के दोनों पहलुओं की जांच कर रही है।

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