मेरठ | बहसूमा क्षेत्र में नाबालिग बच्ची के साथ हुई संवेदनशील घटना की वास्तविक स्थिति जानने, पीड़ित परिवार से मिलने के लिए कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय राय ने प्रतिनिधिमंडल का गठन किया था। पुलिस ने बहसूमा जाने से कांग्रेस नेताओं को रोकते हुए उनके आवास पर हाउस अरेस्ट रखा। इस पर कांग्रेसियों ने आक्रोश जताया।
कांग्रेस जिलाध्यक्ष गौरव भाटी, महानगर अध्यक्ष रंजन शर्मा, जिला महासचिव पंडित तरुण शर्मा, पूर्व जिलाध्यक्ष अवनीश काजला समेत अन्य प्रमुख कांग्रेस नेताओं एवं कार्यकर्ताओं के यहां पुलिस ने रविवार शाम को ही पहरा लगा दिया था। बहसूमा कूच से पहले ही कांग्रेस नेताओं को पुलिस ने हाउस अरेस्ट कर लिया। कांग्रेस प्रदेश प्रवक्ता अभिमन्यु त्यागी ने कहा यह कार्रवाई बिना किसी स्पष्ट और लिखित आदेश के की गई। उन्होंने कहा कि किसी भी लोकतांत्रिक व्यवस्था में जनप्रतिनिधियों को पीड़ितों से मिलने, सच्चाई जानने और प्रशासन से सवाल पूछने से नहीं रोका जा सकता।
पुलिस की कार्रवाई संवैधानिक अधिकारों का उल्लंघन : अजय राय
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय राय ने कहा जनप्रतिनिधियों को पीड़ित परिवार से मिलने से रोका जा रहा है, यह न केवल संवैधानिक अधिकारों का उल्लंघन है, बल्कि पीड़िता को न्याय दिलाने की प्रक्रिया पर भी गंभीर प्रश्न खड़े करता है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में बार-बार ऐसे उदाहरण सामने आ रहे हैं, जहां संवेदनशील मामलों में जवाबदेही तय करने के बजाय प्रशासनिक दबाव और नियंत्रण का रास्ता अपनाया जा रहा है।
कांग्रेस नेताओं ने कहा किसी प्रकार की रोक या निगरानी लगाई गई है तो उसका लिखित आदेश और कानूनी आधार तुरंत सार्वजनिक किया जाए। प्रतिनिधिमंडल को बहसूमा जाकर पीड़ित परिवार से मिलने की अनुमति दी जाए। पीड़िता और उसके परिवार को सुरक्षा, चिकित्सकीय और मनोवैज्ञानिक सहायता दी जाए। कहा पीड़ित बच्ची को न्याय दिलाने की लड़ाई किसी भी दबाव में नहीं रुकेगी।
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