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'ब्लू ड्रम' हत्याकांड की सुनवाई टली, मुस्कान और साहिल को सुरक्षा का डर; कोर्ट में पेशी नहीं हुई

 


मेरठ: उत्तर प्रदेश के चर्चित 'ब्लू ड्रम' हत्याकांड (Blue Drum Murder Case) की सुनवाई एक बार फिर टल गई है। मामले के मुख्य आरोपी मुस्कान और साहिल को सुरक्षा कारणों और अपनी जान के खतरे के डर से कोर्ट में पेश नहीं किया जा सका। अदालत ने अब इस मामले की अगली सुनवाई के लिए नई तारीख तय की है।

सुरक्षा का हवाला, टली सुनवाई

मुस्कान और साहिल, जिन्हें मेरठ के इस सनसनीखेज हत्याकांड का मुख्य सूत्रधार माना जा रहा है, फिलहाल जेल में बंद हैं।

  • जान का खतरा: आरोपियों के वकीलों और जेल प्रशासन की ओर से सुरक्षा चिंताओं का हवाला दिया गया। आरोप है कि इस मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए उन्हें बाहरी तत्वों से खतरा हो सकता है।

  • पेशी से इनकार: सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम न होने और खतरे की आशंका के चलते आरोपियों को अदालत के समक्ष शारीरिक रूप से पेश नहीं किया गया, जिसके कारण अदालती कार्यवाही आगे नहीं बढ़ सकी।

क्या था 'ब्लू ड्रम' हत्याकांड?

यह मामला पिछले साल मेरठ में तब चर्चा में आया था जब एक नीले रंग के प्लास्टिक ड्रम के अंदर से एक युवक की लाश बरामद हुई थी।

  1. साजिश और हत्या: पुलिस जांच में सामने आया था कि मुस्कान और साहिल ने मिलकर इस हत्या की साजिश रची थी। प्रेम प्रसंग और आपसी रंजिश को इस वारदात के पीछे की मुख्य वजह बताया गया था।

  2. सबूत मिटाने की कोशिश: शव को ठिकाने लगाने के लिए आरोपियों ने उसे एक बड़े ड्रम में भरकर सुनसान जगह पर फेंक दिया था, ताकि उनकी पहचान न हो सके।

कोर्ट की कड़ी टिप्पणी

अदालत ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जेल प्रशासन और पुलिस को निर्देश दिए हैं कि अगली सुनवाई पर सुरक्षा के चाक-चौबंद इंतजाम किए जाएं।

  • वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग का विकल्प: यदि सुरक्षा संबंधी समस्या बनी रहती है, तो कोर्ट वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग (VC) के जरिए भी आरोपियों की पेशी और सुनवाई की संभावना पर विचार कर सकता है।

  • तारीख पर तारीख: सुनवाई टलने से पीड़ित परिवार ने निराशा व्यक्त की है। उनका कहना है कि वे न्याय के लिए लंबे समय से इंतजार कर रहे हैं और आरोपियों को सख्त से सख्त सजा मिलनी चाहिए।

मेरठ पुलिस की चार्जशीट

पुलिस पहले ही इस मामले में अपनी चार्जशीट दाखिल कर चुकी है, जिसमें मुस्कान और साहिल के खिलाफ पुख्ता सबूत, कॉल रिकॉर्डिंग्स और फॉरेंसिक रिपोर्ट शामिल हैं। पुलिस का दावा है कि उनके पास आरोपियों को दोषी सिद्ध करने के लिए पर्याप्त साक्ष्य मौजूद हैं।

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