मेरठ/सरधना: उत्तर प्रदेश के मेरठ जिला अंतर्गत सरधना-बिनौली मार्ग पर एक बार फिर तेज रफ्तार का कहर देखने को मिला है। यहाँ एक अनियंत्रित ई-रिक्शा सड़क किनारे गहरे गड्ढे में पलट गया, जिससे उसमें सवार कई यात्री गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई। स्थानीय राहगीरों और ग्रामीणों ने तुरंत तत्परता दिखाते हुए राहत कार्य शुरू किया और पुलिस को सूचना दी।
तेज रफ्तार और ओवरलोडिंग बनी हादसे की वजह प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, ई-रिक्शा क्षमता से अधिक सवारियां लेकर सरधना से बिनौली की ओर जा रहा था। सरधना-बिनौली मार्ग पर अचानक सामने से आए एक अन्य वाहन को बचाने के चक्कर में चालक नियंत्रण खो बैठा। रफ्तार तेज होने के कारण ई-रिक्शा सड़क पर तीन-चार बार पलटने के बाद सीधे किनारे जा गिरा। हादसे में रिक्शा के परखच्चे उड़ गए और उसमें बैठी महिलाएं व बच्चे नीचे दब गए।
चीख-पुकार सुनकर दौड़े ग्रामीण, घायलों को पहुंचाया अस्पताल सड़क किनारे हुए इस हादसे को देखकर आस-पास के खेतों में काम कर रहे ग्रामीण और राहगीर तुरंत मौके पर पहुंचे। उन्होंने कड़ी मशक्कत के बाद ई-रिक्शा के नीचे दबे यात्रियों को बाहर निकाला। सूचना मिलते ही स्थानीय थाना पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने एम्बुलेंस की मदद से सभी घायलों को तुरंत नजदीकी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) में भर्ती कराया, जहाँ से गंभीर रूप से घायल दो यात्रियों को मेरठ के जिला अस्पताल के लिए रेफर कर दिया गया है।
सड़क की खस्ताहाली और ई-रिक्शा चालकों की लापरवाही पर उठे सवाल इस दर्दनाक हादसे ने एक बार फिर स्थानीय प्रशासन और यातायात व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि सरधना-बिनौली मार्ग पर जगह-जगह गहरे गड्ढे हैं, जो आए दिन दुर्घटनाओं को आमंत्रण देते हैं। इसके साथ ही, क्षेत्र में बिना रजिस्ट्रेशन और नाबालिग चालकों द्वारा धड़ल्ले से दौड़ाए जा रहे ओवरलोडेड ई-रिक्शा भी हादसों का मुख्य सबब बन रहे हैं। ग्रामीणों ने पुलिस प्रशासन से इन अनियंत्रित ई-रिक्शा चालकों के खिलाफ सख्त चेकिंग अभियान चलाने की मांग की है।
निष्कर्ष: यातायात नियमों की अनदेखी पड़ रही भारी सरधना-बिनौली मार्ग पर हुआ यह हादसा यह सबक देता है कि चंद रुपयों के लालच में ओवरलोडिंग करना और सुरक्षा मानकों को ताक पर रखकर वाहन चलाना कितना आत्मघाती साबित हो सकता है। पुलिस ने दुर्घटनाग्रस्त वाहन को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है, लेकिन क्षेत्र में सुरक्षित सफर सुनिश्चित करने के लिए सड़कों की मरम्मत और ई-रिक्शा के नियमन पर ठोस कदम उठाना अब बेहद जरूरी हो गया है।
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