मेरठ: उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले में एक प्रमुख संस्थान/इकाई के ५४वें स्थापना दिवस (54th Foundation Day) को लेकर तैयारियां बेहद जोर-शोर से चल रही हैं। इस ऐतिहासिक अवसर को यादगार और भव्य बनाने के लिए प्रशासनिक स्तर और आयोजन समिति द्वारा एक विस्तृत रूपरेखा तैयार की गई है। इस समारोह के तहत पूरे परिसर को आकर्षक रोशनी से सजाया जाएगा और विभिन्न प्रकार के सांस्कृतिक व बौद्धिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा।
सांस्कृतिक कार्यक्रम और उपलब्धियों पर चर्चा
स्थापना दिवस के मुख्य समारोह में देश और प्रदेश के कई वरिष्ठ अधिकारियों, शिक्षाविदों और गणमान्य नागरिकों को आमंत्रित किया जा रहा है। कार्यक्रम की शुरुआत पारंपरिक दीप प्रज्वलन और स्वागत गान के साथ होगी। इसके बाद संस्थान के ५४ वर्षों के गौरवशाली सफर, उसकी ऐतिहासिक उपलब्धियों और भविष्य के लक्ष्यों को दर्शाने वाली एक विशेष डॉक्यूमेंट्री (लघु फिल्म) या प्रस्तुति दिखाई जाएगी। इस अवसर पर मेधावी छात्रों, उत्कृष्ट कार्य करने वाले कर्मचारियों और विशिष्ट अतिथियों को सम्मानित भी किया जाएगा।
विभिन्न प्रतियोगिताओं का होगा आयोजन
स्थापना दिवस को युवाओं और स्थानीय समाज से जोड़ने के लिए समारोह के पूर्व संध्या से ही खेलकूद, वाद-विवाद, कला और निबंध लेखन जैसी कई अंतर-विद्यालयी या अंतर्विभागीय प्रतियोगिताओं की शुरुआत हो जाएगी। इन प्रतियोगिताओं के विजेताओं को मुख्य मंच पर आकर्षक पुरस्कार और प्रमाणपत्र देकर प्रोत्साहित किया जाएगा। शाम के सत्र में एक भव्य सांस्कृतिक संध्या का आयोजन होगा, जिसमें स्थानीय कलाकारों द्वारा देशभक्ति और लोक संस्कृति पर आधारित प्रस्तुतियां दी जाएंगी।
सुरक्षा और व्यवस्था को लेकर कड़े इंतजाम
समारोह में जुटने वाली भारी भीड़ और वीवीआईपी (VVIP) मूवमेंट को देखते हुए परिसर और आस-पास के क्षेत्रों में सुरक्षा के कड़े बंदोबस्त किए जा रहे हैं। स्थानीय पुलिस और यातायात विभाग के समन्वय से वाहनों की पार्किंग और रूट डायवर्जन की योजना बनाई गई है ताकि आम जनता को किसी प्रकार की असुविधा न हो। संस्थान के वालंटियर्स (स्वयंसेवक) भी व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए तैनात रहेंगे।
निष्कर्ष: गौरवशाली इतिहास को नमन करने का दिन
आयोजन समिति के पदाधिकारियों ने बताया कि किसी भी संस्थान के लिए ५४ वर्षों का सफर पूरा करना एक बड़ी मील का पत्थर (Milestone) है। यह दिन उन सभी समर्पित लोगों के योगदान को याद करने का है जिन्होंने इस संस्थान को सींचकर इस मुकाम तक पहुंचाया है। इस भव्य आयोजन को लेकर न केवल संस्थान के भीतर बल्कि पूरे मेरठ शहर में एक विशेष उत्साह और हर्ष का माहौल देखा जा रहा है।
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